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यातायात नियमों की सीख दी

Tue, 08 Nov 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बाइक पर सवार एक साथ चार लोग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीएम की रथ यात्रा की तैयारियों में व्यस्तता के चलते जिले में यातायात माह छह दिन बाद शुरू हुआ। एसपी नेहा पांडेय ने सदर पुलिस चौकी में यातायात माह का शुभारंभ किया और गोष्ठी में मौजूद लोगों को यातायात नियमों का महत्व व उनके लाभ बताए।
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने कहा कि यातायात नियमों की अनदेखी बढ़ते सड़क हादसों का कारण है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक अधिक मौतें सड़क हादसों में हो रही हैं। इनमें अधिकांश वह दो पहिया वाहन चालक या उनमें बैठे लोग होते हैं जिन्होंने बाइक चलाते समय हेलमेट नहीं पहना होता है। कहा कि लोगों में ड्राइविंग के साथ ही मोबाइल पर बात करने की आदत भी बढ़ी है। तमाम सड़क हादसों में यह आदत भी वजह सबित हुई है। लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि यातायात के नियम वाहन चालकों की सुरक्षा और जीवन रक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। लोगों को इनका महत्व तब समझ में आता है जब वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। इसलिए वाहन चालक ऐसा कुछ न करें कि जिसकी वजह से उन्हें महंगा इलाज कराना पड़े, जीवन भर की अपंगता या परिवार की मुश्किलें बढ़ें। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट लगाना जरूरी है। सीओ सिटी ह्रदेश कुमार कहा कि सफर में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसलिए वाहन के पूरे कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस साथ लेकर चलें। सीओ ने बताया कि यातायात माह के दौरान जन जागरूकता के साथ ही चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। पहले वाहन चालकों को यातायात पालन के लिए प्रेरित किया जाएगा और इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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न नियमों की परवाह, न पुलिस का डर
उन्नाव। सावधान! अगर आप वाहन लेकर सड़क पर चल रहे हैं तो अपनी सुरक्षा खुद करें। जरा सा चूके तो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। यहां ट्रैफिक सिस्टम भगवान भरोसे है। न तो लोगों में यातायात नियमों की परवाह है न पुलिस और कार्रवाई का डर। हालत यह रही कि यातायात माह का शुभारंभ और गोष्ठी के दौरान दो और चार पहिया वाहन चालक यातायात नियमों का मखौल उड़ाते पुलिस के सामने से निकलते रहे और सिपाही खड़े देखते रहे। कोई बिना हेलमेट पहने बाइक से फर्राटा भरता निकला तो किसी बाइक पर तीन सवारियां बैठीं नजर आईं। यह नहीं सिपाही भी बाइक में तीन सवारी बैठे नजर आए। मानक से अधिक सवारियां बैठाकर टेंपो, आटो और ई-रिक्शा चालक बेधड़क चलते रहे। पहले निकलने की होड़ में शहर के मुख्य मार्ग पर कई बार जाम का कारण भी बनें।

नहीं समझे तो कड़ी कार्रवाई, टीएसआई
यातायात प्रभारी श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि लोगों को ट्रैफिक रूल्स बताकर उन्हें जागरूक करते हुए ट्रैफिक सिस्टम ठीक किया जाएगा। बताया कि इसके बाद भी लोग नहीं मानते तो कार्रवाई की जाएगी।
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10 महीने 642 हादसे 238 मौतें
उन्नाव। सड़कों पर फर्राटा भरते वाहनों में आगे निकलने की होड़ और यातायात नियमों की अनदेखी बढ़ते सड़क हादसों का कारण बनी है। सड़कों पर फर्राटा भरते वाहनों की बेलगाम रफ्तार हादसों का कारण बनी है। 10 महीनों में जिले में 642 सड़क हादसे हुए जिनमें 238 लोगों की मौत हुई। जबकि 462 लोग घायल हुए जिनमें सैकड़ों लोग अपना कोई अंग खोकर अपाहिज हो चुके हैं। जबकि सैकड़ों लोग महीनों से बिस्तर पर पड़े इलाज
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