पुरवा। डीएम की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में 335 मामलों में किसी का भी समाधान नहीं हुआ। सभी मामलों को संबंधित अधिकरियों को जांच कर निस्तारित करने के आदेश दिए गए। यहां पेंशन, राजस्व, पुलिस व जल निगम के मामले छाए रहे ।
मंगलवार को पुरवा तहसील दिवस में डीएम के देरी से आने के कारण एसडीएम प्रशांत भारती फरियादियों की समस्याएं सुनने लगे। सुबह लगभग 11.40 पर डीएम सौम्या अग्रवाल तहसील दिवस में पहुंची। डीएम को देखते ही फरियादी अपना प्रार्थना पत्र लेकर लाइन में खड़े हो गए।
इस दौरान कुदिकापुर में रहने वाले सुंदरलाल ने बताया कि उन्हें वृद्धावस्था पेंशन दो साल से नहीं मिली है। कई बार से वह कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। वहीं करदहा गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने चन्दाखेड़ा गांव में बन रहे मिनी सचिवालय में मानकों की धज्जियां उड़ाने की शिकायत की। शौचालय के दरवाजे के ऊपर बना छज्जा भी गिर गया है।
तहसील दिवस में राजस्व के 167, पुलिस के 54, विद्युत के 27, समाज कल्याण के 17, शिक्षा के 5, स्वास्थ्य के तीन व अन्य 62 मामले आये। यहां एसपी एमपी सिंह, सीएमओ डॉ. गीता यादव, सीओ माजिद अब्बास, श्रुति शुक्ला, डॉ. ललित, तहसीलदार राजेश चौरसिया व नायब तहसीलदार एके सरोज मौजूद रहे।