उन्नाव। स्वाइन फ्लू अलर्ट होने के बाद भी जिला अस्पताल में बनाए गए कक्ष में ताला लटक रहा है। दोपहर दो बजे के बाद कक्ष खुलना तो दूर चैनल तक में ताला पड़ जाता है, जबकि शासन के आदेश हैं कि चौबीस घंटे स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सारी व्यवस्थाएं चुस्त दुरुस्त रखी जाएं।
25 जनवरी के बाद से फरवरी माह के अंत तक स्वाइन फ्लू का अलर्ट रहता है। इसके लिए शासन भी समय से निर्देश जारी कर देता है। शासन के निर्देश मिलने के बाद सीएमओ ने जिला अस्पताल की छह बेड वाली कार्डियोलॉजी को स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया है।
डीएम के निर्देश हैं कि वार्ड में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सारी व्यवस्थाएं कर दी जाएं। इतना ही नहीं वार्ड के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही जिला अस्पताल के बाहर टहलने वाले सूअरों को भी नगर पालिका से बात कर उन्हें पकड़वाया जाए।
इन गंदे जानवरों से ही स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहता है। इतना ही नहीं टीम का भी गठन कर दिया जाए ताकि स्वाइन फ्लू के किसी भी मरीज की जानकारी मिलते ही टीम को वहां भेजकर उसका तुरंत उपचार कराया जाए।
डीएम के निर्देश हैं कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उसके बाद भी स्वाइन फ्लू वार्ड की इस स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य महकमा इस ओर कितना सजग है।
क्या बोले जिम्मेदार
सीएमएस डॉ. एसपी चौधरी ने बताया कि वह स्वाइन फ्लू के लिए ही वार्ड बनाया गया है। उसमें स्वाइन फ्लू के मरीजों को ही लेटाया जा सकता है। यदि वह खुला रहेगा तो कोई भी जाकर लेट सकता है। इससे वार्ड बनाने का कोई मतलब ही नहीं बचेगा। यदि कोई स्वाइन फ्लू का मरीज आएगा तो उसे तत्काल खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वार्ड में एक तरफ सीलन आती है उसे भी सही करा दिया गया है।