जीत की घोषणा होते ही निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के नारेबाजी करने से
माहौल बिगड़ गया। हारे प्रत्याशियों ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में
मारपीट हो गई और बाद में जीते प्रत्याशी के एक समर्थक को हारे के समर्थकों
ने पकड कर पीट दिया। सिर में चोट लगने से उसे जिला असपताल से कानपुर रेफर
किया गया है। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है।
तहरीर देने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
शहर कोतवाली के
सिकंदपुर सरोसी ब्लाक में देर शाम चुनाव होने के बाद वोटों की गिनती हुई।
इसमें निर्दलीय प्रत्याशी अजयपाल को विजयी घोषित किए जाते ही जोश में उनके
समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हार से झल्लाए सत्तालदल प्रत्याशी के
समर्थकों ने विरोध किया तो जीत के उल्लास में डूबे समर्थकों ने उनपर पथराव
कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठियां पटक कर पथराव कर रही भीड़ को
खदेड़ा। इसी दौरान जीते प्रत्याशी अजय पाल के समर्थक शहर के मोहल्ला शेखपुर
निवासी नवीन चौरसिया को भीड़ पकड़ कर जमकर पीटा और भाग निकले। घायल को
आनन-फानन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर सदर विधायक पंकज
गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी की। इसके बाद विजयी
प्रत्याशी के समर्थक, सत्तादल प्रत्याशी व उनके समर्थकों के खिलाफ रिपोर्ट
दर्ज कराने का दबाव बनाने के लिए कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने लाठियां पटक
कर खदेड़ दिया। कोतवाली में मौजूद सीओ आरके सिंह ने बताया कि घटना की जांच
कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि मारपीट और
पथराव की घटना हुई है। किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर
रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त
रविवार
को हुए ब्लाक प्रमुख चुनाव में सात प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
सबसे खराब स्थिति नवाबगंज के डमी प्रत्याशी श्रीकांत की रही। इन्हें एक भी
वोट नहीं मिला। बीघापुर की शुभा देवी को 9, पुरवा की रीता देवी को 3,
बांगरमऊ की उजमा को 1, हिलौली के रामसेवक को 2, हसनगंज की सुनीता को 2 और
मियागंज की फूलचंद्र को 14 वोट मिलने से जमानत नहीं बच सकी। इन सभी की
जमानत जब्त हो गई है।
मतदानस्थल पर रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
रविवार
को ब्लाक प्रमुख चुनाव की प्रक्रिया के दौरान मतदानस्थल पर कड़ी सुरक्षा
रही। कुछ ब्लाकों में 200 मीटर दायरे में लोगों के प्रवेश को पूरी तरह से
रोक दिया गया था। कुछ विकासखंडों में मीडिया तक को अंदर नहीं जाने दिया
गया। बिछिया ब्लाक में एक पत्रकार के साथ वहां पर मौजूद पुलिसकर्मी ने
अभद्रता की। हालांकि बाद में पत्रकारों के एकजुट होने के बाद वहां पर मौजूद
अधिकारियों ने मामले को संभाला। बांगरमऊ में ब्लाक चौराहे पर बैरीकेटिंग
लगाकर आवागमन ठप कर दिया गया था। सीडीओ संदीप कौर तथा एसडीएम सरजू प्रसाद
शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। वहीं चुनाव के लिए जाने
वाले बीडीसी सदस्यों को पहले अपना प्रमाणपत्र दिखाना पड़ा। इसके बाद पुलिस
ने तलाशी दी। तब कहीं वोटर अंदर जाकर मताधिकार का प्रयोग कर सके।
कहीं जश्न मना तो कहीं मायूसी
चुनाव
परिणाम जारी होने के बाद कहीं जशभन देखा गया तो कहीं मायूसी नजर आई।
बांगरमऊ में सुनीता दिवाकर की ऐतिहासिक जीत पर जहां बसपा खेमें में जश्न का
माहौल रहा वहीं सत्ताधारी दल सपा में मायूसी देखी गई। सुनीता की जीत पर
बसपा के पूर्व विधायक इरशाद खां, जीमल खां मुन्ना, याकूब अली सिद्दीकी,
मगंल बौद्ध, इकबाल खां, पूर्व सांसद बृजेश पाठक आदि बसपाइयों ने हर्ष
जताया। वहीं उज्मा को मिलेे एक वोट को लेकर सपा नेता तथा कार्यकर्ता
तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे। हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, सोना रावत की
जीत पर क्षेत्र में जश्न मनाया गया। उनके पति सेवकलाल को बधाई देने वालों
का तांता लगा रहा। सोना की जीत पर मोहान विधायक राधेलाल रावत, औरास के
पूर्व प्रमुख ज्ञानेंद्र सिंह, अनवर सिद्दकी, आरिफ, प्रमोद रस्तोगी आदि ने
हर्ष जताया।
सात साल पहले शिवबहादुर ने राजनीति में रखा था कदम
सपा
के नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख शिवबहादुर पटेल ने सात साल पहले राजनीति में
कदम रखा था। 41 वर्षीय शिव बहादुर ने गांव में कक्षा 5 तक शिक्षा ग्रहण की।
इसके बाद दुबेपुर इंटर कालेज में 10 तक पढ़ाई की। वर्तमान समय में सपा के
जिला सचिव पद पर आसीन हैं। जीत के बाद बातचीत में शिवबहादुर ने राजनीति में
आने का उद्देश्य क्षेत्र का विकास और समाजसेवा बताया। उनकी चुनावी जीत में
रजनीश वर्मा, योगेंद्र द्विवेदी, रोहित शुक्ला व वितेंद्र यादव ने
महत्वपूर्ण भूमिका रहा।
ब्लाक चुनाव
पहली बार वोटिंग को लेकर दिखा उत्साह
ब्लाक
प्रमुख चुनाव में पहली बार वोटिंग को लेकर बीडीसी सदस्यों में जमकर उत्साह
देखा गया। चमियानी के बीडीसी सदस्य सुरेंद्र वर्मा, उषा देवी टोपरा तथा
रानी देवी अढौली पिजरा की विटाना, लखमदेमऊ की शारदा मुरैता प्राचीन के महेश
तारागढ़ी से मिथलेश देवी, कटाव से राजकुमारी जाजनपुर से अखिलेश नवांव से
मुन्ना प्रसाद के चेहरे पहली बार मतदान करने पर खासे चमक रहे थे।
नवाबगंज में टूटा परिवारवाद का तिलिस्म
ब्लाक प्रमुख चुनाव में नवाबगंज के वोटरों ने जहां परिवारवाद का तिलिस्म
तोड़ा वहीं हसनगंज में लंबे समय से प्रमुख की कुर्सी पर काबिज वर्तमान
प्रमुख के समर्थित प्रत्याशी को भी हार का सामना करना पड़ा। असोहा व सफीपुर
में वर्तमान और पूर्व प्रमुख ने निर्विरोध जीत दर्जकर कुर्सी पर कब्जा
कायम रखा
अजगैन प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड नवाबगंज में इस बार प्रमुख
पद पर हुए चुनाव में करीब 50 वर्षों से ब्लाक प्रमुख रहे एक परिवार के
सदस्यों का तिलिस्म सपा समर्थित प्रत्याशी अरुण सिंह ने तोड़ दिया। इस बार
50 बीडीसी सदस्यों ने अरुण सिंह का समर्थन करते हुए प्रमुख पद की कुर्सी पर
बैठने का मौका दे दिया। नवाबगंज के ब्लाक प्रमुख पद पर दूसरी बार ऐसा हुआ
है जब गौरा कठेरवा से कोई ब्लाक प्रमुख नहीं बना। इससे पूर्व वर्ष 2004 में
अनुसूचित जाति के प्रत्याशी रामनरेश ब्लाक प्रमुख बने थे, लेकिन बाद में
उनकी हत्या हो गई थी। इसके बाद दोबारा हुए चुनाव में फिर से सत्ता गौरा
कठेरवा के अवधेश प्रताप सिंह के हाथ में आ गई थी। जानकारों की मानें तो
वर्षों से इसी परिवार का कोई न कोई सदस्य ही नवाबगंज ब्लाक प्रमुख की
कुर्सी पर कब्जा जमाता चला आ रहा था।
हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार ब्लाक
प्रमुख पद पर सोना की जीत ने दिग्गजों की चुनावी गणित को बिगाड़ दिया।
बताया जाता है कि रविवार को हुए चुनाव में सपा समर्थित सुनीता और बागी सोना
रावत के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। सुनीता को जिताने के लिए वर्तमान
प्रमुख धीरेंद्र ब्रह्मचारी भी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए थे, लेकिन
वोटरों (बीडीसी सदस्यों) ने सोना पर भरोसा जताया और ब्लाक प्रमुख की कुर्सी
उनको सौंप दी। सोना की जीत ने धीरेंद्र ब्रह्मचारी के राजनीतिक तजुर्बे को
बैकफुट पर ला दिया। जानकारों की मानें तो हसनगंज प्रमुख सीट पर धीरेंद्र
एंड कंपनी का लंबे समय से कब्जा था।
इंसेट-1
सफीपुर व असोहा में पुरानों को ही मिली कुर्सी
सफीपुर
प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड के प्रमुख पद पर निर्विरोध चुनी जाने वाली
रमा सिंह पत्नी अशोक सिंह ने दोबारा ससुर व पति की विरासत वापस ले ली है।
इससे पूर्व ससुर 16 वर्ष व पति 10 वर्ष सफीपुर ब्लाक प्रमुख पद रह चुके
हैं। ग्राम पंचायत जमालुददीनपुर के वार्ड संख्या 18 से निर्विरोध क्षेत्र
पंचायत सदस्य बनी रमा सिंह ने सभी का समर्थन प्राप्त करते हुए निर्विरोध ही
प्रमुख पद भी प्राप्त कर लिया। इस तरह से उन्होंने एक प्रकार से अपने
परिवार की साख ही बनाए रखी। मालूम हो रमा सिंह के ससुर फतेह बहादुर सिंह
सहकारिता आंदोलन के मर्मज्ञ माने जाते हैं। वर्तमान में भी वह जिला सहकारी
बैंक के अध्यक्ष है। इसके पूर्व वर्ष 1972 से 1973 तक वह इस ब्लाक के
प्रमुख भी रह चुके हैं। उन्हीं की साख पर पुत्र अशोक सिंह ने वर्ष 1995 और
2005 में प्रमुख पद हासिल किया। अब यहां से अशोक की पत्नी रमा को निर्विरोध
जिताकर जनता ने अपना भरोसा जताया है। असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, यहां पर
ब्लाक प्रमुख राजकुमार रावत को दुबारा कुर्सी मिल गई है। राजकुमार वर्तमान
प्रमुख भी हैं। सपा से समर्थन मिलने के बाद राजकुमार ने निर्विरोध प्रमुख
पद पर कब्जा जमा लिया।
प्रमुख पद के चुनाव में 17 वोट हुए इनवैलिड
ब्लाक
प्रमुख पदों के चुनाव में 11 ब्लाकों में कुल 17 वोट इनवैलिड यानी रद्द कर
दिए गए। हिलौली में कुल 89 बीडीसी सदस्यों में 87 ने वोट डाले। एक वोट
इनवैलिड हो गया। सपा के नीरज को 57 व प्रतिद्वंद्वी रामचंद्र को 27 वोट
मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी रामसेवक लोधी को मात्र दो वोट से ही संतोष करना
पड़ा। बिछिया में तीन प्रत्याशियों के बीच कड़े मुकाबले में सपा की बागी
प्रत्याशी मुन्नी देवी पत्नी रामप्रसाद को 39 मत मिले। वहीं भाजपा के
उन्नाव नपा चेयरमैन रामचंद्र गुप्ता की भाभी रमाकांती गुप्ता पत्नी भगवती
प्रसाद गुप्ता को 28 मत और सीमा यादव पत्नी राजेश यादव को 24 मत प्राप्त
हुए। यहां पर कुल 91 बीडीसी थे। कोई मत रद्द नहीं हुआ। नवाबगंज में तीन
उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। कुल 90 वोटरों में कोई भी रद्द
नहीं हुआ। मौजूदा ब्लाक प्रमुख माया देवी को 19 वोट ही मिले।
बीघापुर में सपा को हार का मुंह देखना पड़ा
बीघापुर
में सत्ता पक्ष को हार का मुंह देखना पड़ा। यहां सपा विधानसभा के पूर्व
अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य रहे अजीत सिंह बॉबी की बहन के सिर जीत का
सेहरा बंधा। सुनीता सिंह को 32, सावित्री सिंह को 27 व शुभा शुक्ला को नौ
मत मिले। सपा प्रत्याशी को हराने के लिए प्रमुख रामचंद्र सिंह उर्फ ‘पप्पू’
भी सुनीता सिंह के साथ खड़े थे। सुनीता सिंह के जीतने की खबर मिलते ही
हजारों मौजूद समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था।
सुमेरपुर में दिग्गजों ने खाई मात
सुमेरपुर
में एक वोट इनवैलिड हुआ। यहां पर कुल 76 वोट पड़े। इसमें सपा की सीमा
बाजपेई को 39, अरुण शुक्ल को 17, विद्यासागर को 16 व पूर्व प्रमुख विमला
सिंह को दो और आलोक उर्फ विपिन दीक्षित को एक मत मिला। पुरवा ब्लाक में दो
वोट अवैध घोषित किए गए। यहां पर कुल 62 वोटों में सपा प्रत्याशी शिवबहादुर
पटेल को 47, डॉ. गोवर्धनलाल पटेल को 10 व रीता यादव को मात्र तीन वोट मिले।
शिवबहादुर की जीत की जानकारी होते ही ब्लाक परिसर के बाहर समर्थकों ने
बधाई देना शुरू कर दिया। जमकर गोले दागे गए।
बांगरमऊ में रिकार्ड कायम किया
बांगरमऊ
में छह मत अवैध घोषित हुए। ब्लाक कार्यालय में चुनाव में कुल 80 बीडीसी
सदस्यों में से मात्र 76 सदस्यों ने मतदान किया। समय समाप्त हो जाने के बाद
आई एक सदस्य मतदान नहीं कर सकी। मतगणना में बसपा नेता अुर्जन लाल दिवाकर
की पत्नी सुनीता दिवाकर ने 90 प्रतिशत यानी 69 मत पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज
की। वहीं सपा जिला सचिव जुबेर अहमद की पत्नी उज्मा को मात्र एक वोट पाकर
संतोष करना पड़ा। सुनीता चौथी बार ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर आसीन होने जा
रही हैं।