उन्नाव। तेज धूप के कारण लोग चिड़चिड़े और उग्र हो रहे हैं। इसका प्रमुख कारण हैप्पी हार्मोंस का प्रभावित होना है। इसकी वजह से लोग बाई पोलर डिसआर्डर की चपेट में आ रहे हैं।
गर्मी लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। इसका असर लोगों के दिमाग पर भी पड़ रहा है। गर्मी के कारण लोग बाईपोलर डिसआर्डर की चपेट में आ रहे हैं। उनके हैप्पी हार्मोंस (डोपामाइन, सरोटोनिन, ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिस) प्रभावित होते हैं और गर्मी के कारण तनाव बढ़ाने वाला कॉर्डिसोल हॉर्मोंस का श्राव बढ़ जाता है और इससे व्यक्ति चिड़चिड़ा और उग्र हो जाता है।
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में बाई पोलर डिसआर्डर से पीड़ित रोजाना औसतन 30 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार, इस समय लोग जरा सी बात पर उग्र हो जाते हैं। यहां तक कि मारपीट पर भी उतर आते हैं। इसका प्रमुख कारण गर्मी है। वहीं, लोगों की नींद न पूरी होना भी एक वजह से लोगों को यह समस्या हो रही है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार के मरीज दवाएं नियमित लें, पानी खूब पीए, ठंडी जगह पर रहें। तनाव न लें, नींद पूरी लें। किसी प्रकार की समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
अच्छी नींद के लिए यह करें
- एक समय में केवल एक ही कार्य करें
- रात में सोते समय ढीले कपड़े पहनें
- हाथ पैर धोकर ही बिस्तर पर जाएं
- धीमी आवाज में संगीत सुने
- सोने से एक घंटे पहले मोबाइल से दूरी बना लें
- घर परिवार के साथ समय बिताएं
साइकेट्रिस्ट की सलाह
साइकेट्रिस्ट काउंसलर सरस्वती रानी ने बताया कि मनोरोग का सबसे बड़ा कारण अनिद्रा है। जीवनशैली में बदलाव और गर्मी की वजह से लोग भरपूर नींद नहीं ले पा रहे हैं। इससे धीरे-धीरे बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। अगर इसका सही समय पर इलाज न किया गया तो गंभीर बीमारी हो सकती है।