बिना सूचना के शुरू की गई सप्लाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, औरास पावर हाउस में ऑपरेटर 33 केवी लाइन पर जंपर जोड़ने का काम कर रहा था। आरोप है कि जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बिना किसी पूर्व सूचना या शटडाउन की पुष्टि के अचानक बिजली की सप्लाई शुरू कर दी। करंट की चपेट में आते ही ऑपरेटर गंभीर रूप से झुलस गया और देखते ही देखते उसके शरीर में आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और तुरंत एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पावर हाउस में लगी आग, दमकल नहीं पहुंची
इस भयानक हादसे की वजह से पावर हाउस के अंदर भी आग लग गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, आरोप है कि काफी देर तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद ही एकजुट होकर किसी तरह आग पर काबू पाया।
मुआवजे की मांग और मुकदमा दर्ज
घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पावर हाउस पर मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बिजली निगम के एसडीओ और सीओ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। जनाक्रोश को बढ़ता देख पुलिस ने आनन-फानन में एसडीओ को मौके से सुरक्षित हटाया और परिजनों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
पांच पर एफआईआर
प्रशासनिक कार्रवाई के तहत इस मामले में एक्सईन, एसडीओ और जेई समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।