शहर के मोहल्ला पीडी नगर में दिन में जलती स्ट्रीट लाइट
- फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका के अफसरों को जिलाधिकारी के आदेश की भी परवाह नहीं है। शायद इसी कारण से शहर में लगी सोडियम लाइटों को दिन में भी नहीं बंद किया जाता है। इससे एक ओर बिजली की बर्बादी होती ही है साथ ही पालिका को इसका बिल भी अधिक चुकाना पड़ता है। लेकिन इससे नगर पालिका के अधिकारी बेखबर बने हुए हैं।
बिजली की बचत करने के लिए सरकार तरह-तरह के उपाय कर रही है। बीते दिनों एलईडी बल्ब व कम वोल्ट के सीलिंग फैन उपभोक्ताओं को बांटे गए, ताकि बिजली की खपत में कमी आए। वहीं विभाग अब लाइन लास बचाने के लिए फाइवर की केबिलें भी डाल रही है। वहीं जिलाधिकारी ने फालतू में बिजली की खपत न हो इसके लिए नगर पालिका की स्ट्रीट लाइटों को दिन में न जलाने के निर्देश पालिका अधिकारियों को दिए थे। दिन में लाइट जलते मिलने पर जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी कहा था।
इसके बावजूद स्थिति जस की तस है। रात को मार्ग प्रकाश के लिए जलाई जाने वाली स्ट्रीट लाइटें दिन में भी नहीं बंद की जाती हैं। बिजली आते ही यह लाइटें जलने लगती हैं। शहर के कलक्टरगंज, पूरन नगर, पीडी नगर, रेलवे स्टेशन के पीछे कचहरी जाने वाले मार्ग आदि मोहल्लों में दिन में सोडियम लाइटों को जलते देखा जा सकता है। कई अन्य मोहल्लों में भी कई लाइटें दिन में जलती रहती हैं। इससे बिजली की बर्बादी होने के साथ ही पालिका का बिल बढ़ता है।
बोले जिम्मेदार
शहर में स्ट्रीट लाइटों को आन-आफ करने के लिए चार कर्मचारी तैनात हैं। जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। जिस क्षेत्र में दिन में भी लाइट जलती मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उमेश कुमार मिश्र,
ईओ, नगर पालिका-उन्नाव।