सोनिक। बिछिया विकासखंड के तौरा गांव में 1.60 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन गोशाला में मानक दरकिनार मिले। सीडीओ ने गुणवत्ता जांची तो चरही मानक के विपरीत बनी मिली। वहीं, शटरिंग भी सही नहीं मिली। इसके अलावा, गोशाला का निर्माण जलभराव वाले स्थान पर मिला। सीडीओ ने एक माह में कमियां दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
गुरुवार दोपहर सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा अचानक तौरा गोशाला पहुंच गए। यहां पर उन्होंने चरही, भूसा कक्ष व मवेशियों के उपचार कक्ष में लगी शटरिंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जलभराव मिलने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। पता चला कि जहां पर गोशाला निर्माण का कराया जा रहा है, वहां तालाब है। इसलिए जलभराव की समस्या बनी रहेगी। सीडीओ ने निर्देश दिए कि मनरेगा से मिट्टी भरान कराया जाए। इसके बाद ही अन्य काम कराएं। इसके अलावा मुख्य सड़क से गोशाला तक खड़ंजा लगवाने के भी निर्देश दिए। सीडीओ ने बताया कि निरीक्षण में कई कमियां मिली हैं। इन खामियों को दूर करने के लिए एक माह का समय दिया गया है। जनवरी तक गोशाला का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। इस दौरान बीडीओ फहद खान सहित अन्य ब्लॉक के कर्मचारी मौजूद रहे।