इस दौरान उनके साथ उन्नाव के डीएम भी शामिल रहे। उन्होंने अधिकारियों को योजना के किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा बांटने के निर्देश दिए, ताकि आवंटियों को दिसंबर की बजाय अक्तूबर-नवंबर तक ही कब्जा दे दिया जाए। पांच अगस्त को यूपीएसआईडीसी चेयरमैन आलोक रंजन भी योजना का निरीक्षण करेंगे।
निरीक्षण से पूर्व एमडी ने सुबह लखनपुर स्थित ऑफिस में सभी आरएम के साथ बैठक की। दोपहर बाद वह योजना के निरीक्षण के लिए पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने योजना के सड़क, बिजली, सीवर और पानी के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। यहां बन रही पानी की टंकी के काम को तेज करने के निर्देश दिए। योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे दो फव्वारों के निर्माण कार्य भी देखा।
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आईआईए ने एमडी से की मुलाकात, गिनाईं समस्याएं
कानपुर (ब्यूरो)। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों ने बुधवार को यूपीएसआईडीसी एमडी अमित घोष से मुलाकात की। उद्यमियों ने एमडी को विभिन्न समस्याओं से अवगत कराकर समाधान की मांग की। आईआईए के महामंत्री आलोक अग्रवाल ने बताया कि एमडी से मिलकर पनकी साइड-1 में आवंटित पी-1/7,8,9,10 भूखंडों का कब्जा न मिलने की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि पनकी साइड-5 को यूपीएसआईडीसी ने विकास के बावजूद 20 साल से नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया है। इस कारण क्षेत्र में सुविधाएं खस्ताहाल हैं। रूमा क्षेत्र में इफ्युलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) बंद होने से टेक्सटाइल उद्योग को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। इस क्षेत्र में नगर निगम और यूपीएसआईडीसी दोनों ही मेंटीनेंस चार्ज ले रहे हैं। उद्यमियों पर दोहरे टैक्स की मार पड़ रही है। प्लास्टिक क्लस्टर में फैकेलिटी सेंटर के लिए खाली पड़े भूखंड को रियायती दरों पर आवंटित करने की मांग की गई है।