फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी कार्यालय खुले, जरूरी औद्योगिक इकाइयों में काम शुरू

विज्ञापन
कार्यालय खुलने पर बीएसए कार्यालय में काम निपटाते कर्मचारी। - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
उन्नाव। लॉकडाउन-2 में 20 अप्रैल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छूट दिए जाने की घोषणा पर अमल करते हुए सरकारी कार्यालय खोल दिए गए। आवश्यक सेवाओं की औद्योगिक इकाइयों में भी काम शुरू करा दिया गया लेकिन आम जनता को किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई। लोगों से घरों में ही रहने को कहा गया है। वहीं, मनरेगा कार्डधारकों को काम देने पर मंथन किया गया। इसमें पहले सभी मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर सहमति बनी है। वहीं, एनएचएआई के आदेश पर रविवार रात 12 बजे से टोल वसूली शुरू हो गई।
विज्ञापन

सोमवार सुबह 10 बजे से जिला, तहसील, ब्लॉक व निकाय कार्यालय खोले गए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कार्यालयाध्यक्षों ने सभी कर्मियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के आदेश दिए। लगभग एक माह से बंद चल रहे कलक्ट्रेट, विकासभवन, शिक्षा विभाग समेत अन्य सरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी ही मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि कर्मचारियों के आने का रोस्टर तय कर दिया गया है। रोजाना 33 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आएंगे। शेष को घर में रहकर काम करने को कहा गया है। बताया कि कार्यालय खुलने के दौरान सिर्फ विभागीय काम ही निपटाए जाएंगे। चूंकि अभी लॉकडाउन चल रहा है इसलिए आम जनता को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद आवश्यक वस्तुओं जैसे चावल, आटा, पानी, पशु आहार की 80 इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है। इनमें अकरमपुर, दही चौकी, मगरवारा, बंथर समेत जनपद में स्थापित 9 राइस मिल, 9 फ्लोर मिल, खाद्य तेल, पैक्ड पानी, पैकेजिंग, पोल्ट्री, पशु आहार आदि की 80 औद्योगिक इकाइयों ने सोमवार से काम प्रारंभ कर दिया। उपायुक्त उद्योग सविता रंजन ने बताया कि इन औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वह संस्थान परिसर में ही मजदूरों के रोकने की व्यवस्था करें। इसके अलावा काम के दौरान मजदूरों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य कराएं। संस्थान परिसर में ही मास्क, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था रखें।
विज्ञापन

मनरेगा जाबकार्डधारकों को भी रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार को सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति ने अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जाबकार्डधारकों को रोजगार उपलब्ध कराने से पहले उनका स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करा लिया जाए। मौजूदा समय में जनपद में 1.45 लाख सक्रिय जाबकार्डधारक हैं। इन्हें जल संरक्षण के कार्यों तालाब, नाला निर्माण, मेड़ बंदी आदि में लगाया जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें