कचहरी में सिपाही के साथ मारपीट करने वाले बंदियों को ले जाती पुलिस
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हत्या, लूट जैसी गंभीर धाराओं में बंद चार बंदियों ने पेशी से लौटने के दौरान भागने का प्रयास किया। सिपाहियों के रोकने पर बंदियों ने एक सिपाही को पीटना शुरू कर दिया। वायरलेस मैसेज पास होते ही कोतवाली पुलिस ने किसी तरह बंदियों को अलग कर सिपाही को बचाया। चारों बंदियों के विरुद्ध सिपाही से मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।
बुधवार को जेल में बंद 24 बंदियों को पुलिस वैन से पेशी पर लाया गया। दोपहर डेढ़ बजे पेशी के बाद बंदी नूर आलम उर्फ टाइगर निवासी गंगाघाट, सुरेश कुमार बाजपई निवासी घाटमपुर कला बीघापुर, सुरेंद्र सिंह निवासी मोहल्ला नरेंद्र नगर कोतवाली, राजकुमार निवासी रामपुर मांखी ने भागने का प्रयास किया।
सुरक्षा में लगे सिपाही रवींद्र ने नूरआलम को दौड़ाकर पकड़ा तो नूरआलम समेत चारों बंदियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। सिपाही रवींद्र पिटता रहा, उसने बंदी का हाथ नहीं छोड़ा। मारपीट से सेशन हवालात में भगदड़ मच गई।
इसी बीच अन्य पुलिस कर्मियों ने घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने चारों बंदियों को गिरफ्त में लेकर सिपाही को बचाया। पुलिस ने चारों के विरुद्ध सिपाही से मारपीट का मामला दर्ज किया है। नूर आलम गंगाघाट थाने का हिस्ट्रीशीटर है। हत्या लूट समेत कई गंभीर मामलों में वह सलाखों के पीछे है।