शारदा नहर के जर्जर पुल से गुजरते छोटे चौपहिया वाहन।
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पिछले दो माह से बीघापुर में स्थित शारदा नहर के जर्जर पुल पर वाहनों क ी आवाजाही बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नहर पर डायवर्जन बन जाने से छोटे चार पहिया वाहनों का आवागमन मंगलवार से शुरू हो गया। इससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। भारी वाहनों का आवागमन शुरू न होने से रोडवेज बसें अभी नहीं चलेंगी।
19 अक्तूबर को बीघापुर विकासखंड कार्यालय आए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने जर्जर नहर पुल को देखकर बंद करा दिया था। लोगों के आवागमन के लिए डायवर्जन नहीं बनने से सैकड़ों गांव के लोगों को 10 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था। ग्रामीणों के पुल निर्माण होने तक डायवर्जन की मांग की जाती रही थी। प्रशासन अनसुनी कर रहा था। क्षेत्रीय ग्रामीणों की पीड़ा को लेकर कांग्रेस नेता अंकित परिहार के नेतृत्व में 11 दिसंबर को लाल कुआं तिराहे पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें गड्ढामुक्त राजमार्ग तथा नये पुल का निर्माण किए जाने की मांग रखी गई थी। धरने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने डायवर्जन बनवाना शुरू किया। मंगलवार को छोटे चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए पुल को खोल दिया गया। डायवर्जन बन जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं रोडवेज की सेवाओं से अभी भी लोगों को वंचित रहना पड़ेगा।