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बैंक में नगदी नहीं, एटीएम भी नो कैश

Wed, 14 Dec 2016 12:14 AM IST
उन्न्ााव
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एसबीआई मुख्य शाखा का एटीएम बंद होने के बाद मोबाइल वैन से कैश निकालने को लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन बैंक बंद होने के बाद मंगलवार को शटर खुले तो सुबह से ही लोगों की कतार लग गई। नियमों की बंदिश के बीच करेंसी की कमी ने 35 वें दिन भी लोगों को खूब परेशान किया।
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मंगलवार को बैंकें खुलीं तो खाताधारक सर्दी में ठिठुरते हुए कैश की उम्मीद के साथ बैंक की कतारों में लग गए। बैंक के शटर खुलते ही पहले प्रवेश के लिए मारामारी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने में बैंक स्टाफ व गार्ड को काफी जद्दोजहद उठानी पड़ी। एसबीआई व पीएनबी में धक्कामुक्की के बीच खाताधारक बैंक परिसर में पहुंचते और 24 हजार रुपये का विड्राल भरने लगते। तभी एनाउंसमेंट होता कि चार से पांच हजार का ही भुगतान हो सकेगा। पीएनबी, एसबीआई के अलावा बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, देना बैंक भी खाताधारकों को पांच हजार से अधिक का भुगतान नहीं कर सकीं। एटीएम कैशलेस होना लोगों के लिए खासा दिक्कत का सबब बना।


सेंट्रल बैंक में व्यापारी की चहलकदमी बनी चर्चा का केंद्र
उन्नाव। नोट की चोट के बाद से सेंट्रल बैंक में एक व्यापारी की हर रोज घंटों चहलकदमी से स्टाफ में कई तरह की चर्चाएं हैं। व्यापारी की इंट्री कैश केबिन के पीछे तक है। व्यापारी युवक की हर रोज मैनेजर के साथ घंटों गुफ्तगू होती है।
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नोटबंदी के बाद से व्यापारी, नेता बैंक मैनेजर से नजदीकियां बनाने में सक्रिय हो गए। ऐसा ही शहर के मोतीनगर स्थित सेंट्रल बैंक में है।  लगातार कैश की किल्लत से जूझ रही बैंक में एक पखवाड़े में कई बार हंगामा हुआ। सत्ता से जुड़े एक ठेकेदार व रियल स्टेट कारोबारी से बैंक मैनेजर पीएस भाटिया की तीखी बहस तक हो चुकी है। इन सबके बीच एक व्यापारी युवक की लगातार बैंक में घंटों उपस्थित व मैनेजर से दोस्ती स्टाफ को अखर रही है। व्यापारी की कैश काउंटर से लेकर अन्य काउंटर पर बे रोकटोक आवाजाही है। इसके अलावा मैनेजर केबिन में दोनों के बीच आपसी गुफ्तगू बैंक परिसर में कई तरह के सवाल खड़े कर रही है।



एसडीएम ने  सुनीं समस्याएं
सफीपुर। एसडीएम पूजा अग्निहोत्री ने क्षेत्र की पांच बैंकों का निरीक्षण किया। सभी बैंकों में कैश न होने की शिकायत मिली। शाखा प्रबंधकों से एसडीएम ने बात की तो उन्होंने  कैश न होने का दुखड़ा सुनाया। इस दौरान पीएनबी शाखा ऊगू में बुजुर्गों की बेतरतीब लाइन देख एसडीएम ने तत्काल मैनेजर को सीनियर सिटीजन की लाइन लगवाने का आदेश दिया।


नोटबंदी से परेशान खाताधारक
असोहा। पुरवा तहसील में नोटबंदी के बाद बैंकों में भीड़ की मारामारी थम नहीं रही है। मंगलवार की सुबह  काम धंधा छोड़कर लोग नगदी निकालने ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त पहुंचे तो पेंशनर्स से वेतनभोगी तक को बैंक ने दो से तीन हजार रुपये का भुगतान कर कैश न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। यही हाल असोहा, कांथा, कालूखेड़ा, पुरवा, त्रिपुरारपुर समेत कई बैंकों का रहा। इसके अलावा एसडीएम राजमुनि यादव ने भी बैंकों का निरीक्षण किया।
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