उन्नाव। मुख्यमंत्री आवास योजना में छह विकासखंडों की खराब स्थिति है। इन ब्लाकों में आवास पूर्ण होने का प्रतिशत मात्र 60 से 65 फीसदी ही है। अब परियोजना निदेशक ने संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
प्रदेश सरकार की योजना में दिव्यांग, प्राकृतिक आपदा, कुष्ठ रोगी, जेई/एई पीड़ितों को पक्का आवास देने में प्राथमिकता दी जाती है। इस योजना में भी लाभार्थी को तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में जिले को 2276 आवासों का लक्ष्य दिया गया था। इसमें अभी तक 1719 आवास ही पूर्ण हो सके हैं। जबकि नियमानुसार इस समय आवासों का निर्माण शत प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए था।
परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह ने बताया कि छह विकासखंड आवास निर्माण में पीछे हैं। इन सभी ब्लाॅकों के पंचायत अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह में लक्ष्य के सापेक्ष आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरी व शौचालय के लिए अलग धनराशि
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पक्के छत के लिए तीन किस्तों में 1,20,000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को 90 दिन की मजदूरी और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
फिसड्डी ब्लाॅक लक्ष्य निर्माण
नवाबगंज 213 135
बिछिया 112 74
मियागंज 184 125
बांगरमऊ 178 121
सिकंदरपुर कर्ण 33 23
सफीपुर 109 72