पाटन। बीते दिनों लेखपालों के स्थानांतरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। असमय स्थानांतरण से कार्य प्रभावित होने संबंधी बयान देने पर एसडीएम ने लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है।
सूत्रों के अनुसार, तहसील प्रशासन तहसील अध्यक्ष के मीडिया में दिए गए बयान को शासकीय सेवा के नियमों का उल्लंघन मान रहा है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव का कहना है कि आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस, जन्म, मृत्यु, अंश निर्धारण, वरासत जैसे आवेदनों का समय पर निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। यह सभी कार्य बिना क्षेत्र में परिचय के संभव नहीं होते हैं। इसीलिए किसी भी क्षेत्र में लेखपाल का तीन वर्ष का कार्यकाल निर्धारित है। बिना शिकायत सत्र से पहले किए गए स्थानांतरण गलत हैं। इस बयान को लेकर एसडीएम की ओर से दिए गए नोटिस के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। (संवाद)