उन्नाव। सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजूकेशन) इंटरमीडिएट परीक्षा के सोमवार को घोषित हुए नतीजों में केंद्रीय विद्यालय की कला वर्ग की छात्रा श्रुति शुक्ला ने 97.2 फीसदी अंक के साथ जिले में टॉप किया है। दूसरे स्थान पर आदर्श विद्या मंदिर गीतापुरम में विज्ञान वर्ग के छात्र अर्पित बाजपेई व पुरवा के रामकली बुद्धीलाल साहू शिक्षण संस्थान की छात्रा अनामिका सिंह ने संयुक्त रूप से 96.8 फीसदी अंक के साथ जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। आदर्श विद्या मंदिर के छात्र कुणाल गुप्ता ने 96.6 फीसदी अंक के साथ जिले में तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई है। आईएएस, इंजीनियर व वैज्ञानिक बनना मेधावियों का सपना है।
टॉपर्स की जुबानी
टॉपर-1
श्रुति आईएएस बनकर करना चाहती हैं देश की सेवा
कला वर्ग में 97.2 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप करने वाली शहर के सिविल लाइन मोहल्ला निवासी श्रुति शुक्ला में प्रतिभा का सागर है। बेटी की सफलता पर मां शैल शुक्ला की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। बेटी की सफलता से गदगद मां शैल ने बताया कि बेटी ने समाज में सम्मान दिलाया है। मां का कहना था कि श्रुति को उन्होंने कभी बेटे से कम नहीं समझा। श्रुति कहती हैं कि कोचिंग से भी उन्हें पढ़ाई में सहयोग मिला। पिता गणेश शंकर शुक्ला केमिस्ट हैं। जबकि मां गृहिणी हैं। श्रुति ने सिविल की तैयारी करने का संकल्प लिया है। वह आईएएस बनना चाहती है। बताया कि वह मोबाइल को केवल अपनी पढ़ाई के लिए ही प्रयोग करती हैं। वह व्हाट्सएप और फेसबुक भी चलाती हैं लेकिन परीक्षा के दौरान उन्होंने इससे दूरी बनाए रखी। वह अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक, माता-पिता को देती हैं। कुकिंग और बुक रीडिंग उनका सपना है।
टॉप-2
अनामिका का बैंकिंग क्षेत्र तो अर्पित का सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना
विज्ञान वर्ग में 96.8 फीसदी अंक हासिल करने वाले आदर्श विद्या मंदिर के छात्र अर्पित बाजपेई व रामकली बुद्धीलाल साहू शिक्षण संस्थान पुरवा की छात्रा अनामिका सिंह ने संयुक्त रूप से जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। एबीनगर मोहल्ला निवासी छात्र अर्पित के पिता नहीं हैं। सफलता का श्रेय वह मां नीरू के साथ बड़े पापा सुशील कुमार बाजपेई, दादी जय देवी व बड़ी मां सविता को देते हैं। 6 घंटे की पढ़ाई नियमित रूप से कर बिना कोचिंग और ट्यूशन के ही यह सफलता हासिल की है। अर्पित का सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है।
रामकली बुद्धीलाल साहू शिक्षण संस्थान की कॉमर्स वर्ग की छात्रा अनामिका सिंह ने भी 96.8 फीसदी अंक हासिल कर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं। पिता विजय बहादुर टेलर हैं। मां संजू देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। सात घंटे की पढ़ाई से उसने यह मुकाम हासिल किया है। माता-पिता व चाचा जियालाल को वह सफलता का श्रेय देती हैं। अनामिका का सपना बैंकिंग क्षेत्र में जाना है।
टॉप-3
वैज्ञानिक बनकर योगदान करना चाहते हैं कुणाल
96.6 फीसदी अंक हासिल कर जिले में तीसरा स्थान हासिल करने वाले छात्र कुणाल गुप्ता ने स्कूल के बाद घर में कम से कम सात घंटे पढ़ाई करके यह मुकाम हासिल किया है। पिता सतीश गुप्ता व्यापारी हैं। जबकि मां प्रीती गुप्ता गृहिणी हैं। बेटे की सफलता पर माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता सतीश ने बताया कि बेटा उनका अभिमान है। सोशल मीडिया से उनका जुड़ाव तो है लेकिन केवल जरूरत भर का। कुणाल का सपना वैज्ञानिक बनने का है। वह देश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहते हैं।