उन्नाव। बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत तारगांव में एक ही सड़क का तीन बार निर्माण दिखाकर 5.68 लाख रुपये का गबन किया गया। शिकायत पर हुई जांच में इसका खुलासा हुआ तो डीएम ने प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। मामले में सचिव व अवर अभियंता पर अलग से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
तारगांव निवासी रामदत्त ने पांच मार्च 2024 को डीएम को शिकायती पत्र देकर प्रधान, सचिव पर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। डीएम ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समिति एवं पंचायत को जांच सौंपी थी। लेखा परीक्षा अधिकारी ने गांव में जाकर स्थलीय सत्यापन और अभिलेखों से मिलान किया तो पता चला कि 2020-21 में ग्राम पंचायत के मजरा पकरा में ललतू के घर से आगे उत्तर में दुर्गा मंदिर तक मार्ग का निर्माण कराया गया था। इसी मार्ग का तीन टुकड़ों में बदले नाम से वर्ष 2021-22 में फर्जी निर्माण दिखाकर 5,68,642 रुपये निकाले गए।
जांच रिपोर्ट डीएम के पास पहुंची। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रधान चंद्रपाल को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब डीएम ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए। साथ ही अंतिम जांच उपकृषि निदेशक को सौंपी है।
सचिव व आरईडी अवर अभियंता भी दोषी
सरकारी धन के गबन में ग्राम विकास अधिकारी दिलीप कुमार भारतीय व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की अवर अभियंता राखी द्विवेदी भी दोषी पाई गईं हैं। पैसे का भुगतान प्रधान व सचिव ने मिलकर किया। जिस कारण कुल धनराशि में आधी 2,84,321 रुपये की वसूली प्रधान व इतनी ही सचिव से की जाएगी। जांच अधिकारी ने अवर अभियंता राखी द्विवेदी पर कड़ी टिप्पणी की थी। कहा था कि जेई को एमबी करने से पूर्व स्थलीय निरीक्षण करना चाहिए था। केवल कार्यालय में बैठकर ही सचिव द्वारा तैयार व बताई गई माप के आधार पर एमबी तैयार की गई। इस पर डीएम ने सचिव पर कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी व अवर अभियंता पर कार्रवाई के लिए एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिए हैं।