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Unnao News: हवाई हमले का सायरन बजते ही भागे लोग, मजबूत बिल्डिंग में छिपकर खुद को बचाया

Thu, 08 May 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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उन्नाव। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को लोगों को आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया गया। शहर के जीआईसी मैदान में अभ्यास के दौरान जैसे ही हवाई हमले का सायरन बजा, मौजूद लोग भाग कर स्टेडियम की बिल्डिंग में चले गए। कुछ लोग गश खाकर गिरे तो उन्हें सीपीआर दिया गया। इसके बाद एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर लगी आग को गीले कपड़े और बोरे डालकर बुझाने का अभ्यास भी कराया गया।
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जिला मुख्यालय व सभी तहसील व ब्लॉक क्षेत्रों में स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर मॉकड्रिल हुई। शहर के जीआईसी में डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुए अभ्यास में स्कूली बच्चे व आम नागरिक शामिल रहे। डीएम गौरांग राठी, एसपी दीपक भूकर की मौजूदगी में सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज ने लोगों को बताया कि हवाई हमला होने पर सायरन बजते ही शांत हो जाएं और तुरंत किसी मजबूत इमारत में जाएं।
बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए शहर हो या गांव सुरक्षित स्थान पहले से ही चिह्नित कर लें। आश्रय स्थलों की पहले से जानकारी कर लें। इससे आपदा के समय परेशानी नहीं होगी। घर में कम से कम सात दिन का राशन, पानी, दवाएं और मास्क रखें। अपने साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए सीटी, टाॅर्च, पावर बैंक, फर्स्ट एड बॉक्स घर में जरूर रखें। फर्स्ट एड बॉक्स होने से विषम परिस्थिति के बीच हल्की चोटें और सर्दी, जुकाम, बुखार आदि का इलाज किया जा सकता है।
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अभ्यास के दौरान सबसे पहले अग्निशमन अधिकारी ने बम फटने से लगी आग बुझाने का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए सभी लोग मास्क या रुमाल को गीला करके मुंह पर बांध लें। इससे धुएं से परेशानी कम होगी। इसके बाद गीले कपड़े डालकर आग को बुझाएं। इसी दौरान अचानक सायरन बजाकर हवाई हमला होने का संकेत दिया गया तो सभी लोगों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर खुद का बचाव किया। इसके बाद घायलों और बीमारों का तात्कालिक इलाज कर एंबुलेंस से अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया। इस दौरान सीडीओ कृतिराज, एडीएम विकास कुमार, सहायक कलक्टर शौर्य अरोणा, एसडीएम क्षितिज द्विवेदी, अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव मौजूद रहे।




हमले की स्थिति में बिजली का मेन स्विच और सिलिंडर रेग्यूलेटर बंद कर दें
उन्नाव। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आपात स्थिति और हमले के दौरान घर की लाइटें बंद कर दें। इससे दुश्मन यह नहीं समझ पाएगा कि यहां कोई बस्ती है। बिजली का मेन स्विच और गैस सिलिंडर का रेग्यूलेटर भी बंद कर दें।

बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के ब्लड ग्रुप, आधार काॅपी और फोटो तैयार रखें। परिवार मिलन स्थल पहले से तय रखें। शिशु, बुजुर्ग और दिव्यांगों की विशेष तैयारी करें, ताकि उन्हें हर हाल में सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग आपातकाल स्थिति में उतरने के लिए सीढ़ियों का प्रयोग करें, लिफ्ट के इस्तेमाल से बचें। हर फ्लोर पर निकासी मार्ग अवश्य प्रदर्शित करें। खिड़कियों से दूर रहें। बाथरूम या कंक्रीट वाली दीवार के पास शरण लें। बच्चों का सुरक्षा बैग तैयार करें। मोहल्लों में सामूहिक सुरक्षा उपायों में गार्ड, सीसीटीवी अनिवार्य करें। इंटरकाॅम और आपातकालीन अलार्म प्रणाली सक्रिय रखें।





सायरन बजे या धमाका हो जमीन पर लेट जाएं
उन्नाव। एएसपी अखिलेश सिंह ने छात्रों को बताया कि सायरन या धमाके के बाद तुरंत जमीन पर लेट जाएं, इससे सुरक्षा हो सकती है। अनजान वस्तु को हाथ न लगाएं। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर डॉक्टर, सेना के अधिकारी, पुलिस और अन्य विशेषज्ञों को जोड़ने के लिए कहा। गंभीर स्थिति में भी संयम रखें और खुद के साथ ही दूसरों को भी संभालें। नजदीकी अस्पताल, पुलिस स्टेशन, फायर ब्रिगेड का पता और नंबर भी रखें। सीओ सिटी सोनम सिंह ने सलाह दी कि गंभीर स्थिति में डायल 112 पर काॅल करें, साथ ही आपदा राहत केंद्र या सामुदायिक बंकर का पता पहले से जान लें। (संवाद)
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