शहर के दुकानदार साप्ताहिक बंदी के आदेश को हवा में उड़ाए हैं। बंदी के दिन भी शहर की दुकानें खुली रहती हैं। सातों दिन काम के एवज में दुकानदार कर्मचारियों को अलग से पारिश्रमिक नहीं देते हैं।
उन्नाव शहर में मंगलवार साप्ताहिक बंदी का दिन तय है। इस दिन क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, खाने-पीने का सामान बेचने वाली दुकानों के अलावा अन्य दुकानों को बंद रखने के आदेश है। बंदी के दिन भी दुकानदार अपनी दुकानें खोले रहते हैं। इससे कर्मचारियों को सप्ताह के सातों दिन काम करना पड़ता है। शहर की धवन रोड पर एक कपड़ा दुकान के कर्मचारी सुधीर कुमार ने बताया कि दुकान मालिक मंगलवार को बंदी के दिन भी छुट्टी नहीं देेते हैं। इस दिन अतिरिक्त पारिश्रमिक भी नहीं मिलता है। उधर, स्टेशन रोड पर काम करने वाले जवाहर ने बताया कि मंगलवार को काम का अतिरिक्त पैसा नहीं मिलता । छुट्टी लेने पर पैसे काट लिए जाते हैं। वहीं शहर के बाबूगंज, बड़ा चौराहा, कचहरी रोड के अलावा अन्य स्थानों पर भी दुकानें खुली रहती हैं।
हवा में उड़ा दिया डीएम का आदेश
जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने जिले की सभी मार्केटों के लिए साप्ताहिक बंदी का दिन निर्धारित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने का आदेश दिया है। कुछ दिन विभागीय अधिकारियों ने छापेमारी की । दुकानदारों के चालान भी किए गए। मौजूदा समय में अधिकारियों की लापरवाही के चलते दुकानदार डीएम व श्रम विभाग के आदेश को नजरअंदाज किए हुए हैं। बंदी के दिन भी दुकानें खोली जा रही हैैं। श्रम विभाग के आठ घंटे काम लेने के नियम को नकारते हुए दुकानदार 12 से 14 घंटे तक काम ले रहे हैं।
बंदी न करने वालों पर होगी कार्रवाई
बाजारों में साप्ताहिक बंदी के तय दिन दुकानें खुलने की शिकायतें मिल रही हैं। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। बंदी के दिन दुकानें खोलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
वीपी द्विवेदी, सहायक श्रमायुक्त
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