तहसील परिसर में गांव बिसारा के कार्डधारकों ने कोटेदार पर राशन नहीं देने और गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद तहसील दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया।
गांव बिसारा के कार्डधारकों में वीरेंद्र सिंह, प्रमोद, रामलली, कोईली, रामकुमारी, लज्जावती, कमलादेवी, सुमनदेवी, दुलारी, पुष्पादेवी, निर्मला, चंदावती आदि दो सैकड़ा लोग मंगलवार सुबह तहसील दिवस में पहुंचे। यहां पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि 14 मई को कोटेदार के पास पात्र गृहस्थी का राशन लेने गए थे। इस पर कोटेदार ने गालियां देते हुए भगा दिया और कहा कि राशन नहीं देंगे जिससे शिकायत करनी हो कर लो।
इस बात से आक्रोशित कार्डधारक ग्राम प्रधान सरिता देवी के घर गए और पूरी व्यथा बताई। लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। उधर, असोहा ब्लाक के गोसाईंखेड़ा के ग्रामीणों ने प्रभारी जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर बताया कि उनकी ग्रामसभा की कोटे की दुकान 19 जनवरी को निलंबित कर दी गई थी। इसके बाद यहां का कोटा रमेश सिंह के यहां अटैच कर दिया गया। आरोप लगाया कि रमेश सिंह दबंग किस्म का है। जब वह लोग राशन लेने जाते हैं तो गालियां देकर भगा देते हैं।
शिकायत करने वालों में रामचंद्र, रशीद खां, प्रेमचंद्र, श्रीराम, माता प्रसाद, इबरार खां, सत्येंद्र कुमार आदि शामिल रहे। विकासखंड सरोसी की ग्राम बौनामऊ के बीडीसी संत कुमार सिंह ने एसओ माखी को शिकायतीपत्र देकर गांव के कोटेदार पर राशन मांगने पर भाई से गाली देने और जमकर पिटवाने का आरोप लगाया है।