उन्नाव। प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों के लिए एक दिन के लिए खोली गई हेल्पलाइन नंबर 300 छात्रों ने प्रश्न किए, जिसमें 120 कॉल जिले के छात्रों की रहीं। छात्रों ने सबसे अधिक भौतिक विज्ञान से संबंधित प्रश्न किए, विशेषज्ञों ने उनका उत्तर दिया।
हेल्पलाइन नंबरों में किए गए सवालों में शामिल, क्या पूर्ण तरंग दिष्टकारी के विषय में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। विशेषज्ञ ने उत्तर दिया कि पूर्ण तरंग दिष्टकारी की क्रिया विधि अर्ध तरंग दिष्टकारी एवं पूर्ण तरंग दिष्टकारी में अंतर, पीएन जंक्शन डायोड का अग्र अभिनत और पश्च अभिनत में क्रिया विधि के विषय में अच्छे से पढ़े, प्रश्न पूछे जाएंगे। दूसरा प्रश्न था भौतिक विज्ञान में प्रयोग को कैसे लिखना होता है, क्या चित्र बनाना आवश्यक है। विशेषज्ञ ने उत्तर दिया कि प्रयोग को लिखते समय उद्देश्य, आवश्यक उपकरण, सिद्धांत, परीक्षण सारणी ,गणना, निष्कर्ष लिखने के साथ-साथ आवश्यक ग्राफ और चित्र भी बनाएं।
तीसरा प्रश्न ट्रांसफार्मर से संबंधित चार्ट बनाया है, इसमें क्या प्रश्न पूछे जा सकते हैं, उत्तर मिला कि ट्रांसफार्मर का सिद्धांत, क्रियाविधि, यह कितने प्रकार के होते हैं, भंवर धाराएं क्या हैं इन सभी को अच्छे से तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। इसी तरह छात्र प्रश्न करते रहे, उनका जवाब मिलता रहा।
डीआईओएस एसपी सिंह ने बताया कि छात्रों को यह भी बताया गया कि प्रत्येक परीक्षार्थी को अपनी मौखिकी परीक्षा के समय वाह्य परीक्षक से कोई एक नवाचार को साझा करें। इससे अच्छे अंक प्राप्त होंगे।
भौतिक विज्ञान के प्रैक्टिकल टिप्स
भौतिक विज्ञान की प्रवक्ता संध्या राजपूत ने बताया कि अपने सूत्रीय कार्य एवं प्रोजेक्ट कार्य को समय से पूरा कर अपने विषय अध्यापक से आवश्यक जांच करवा लें l प्रयोग से संबंधित उपकरण, सिद्धांत और सामान्य शब्दावली से भली भांति परिचित रहें। किए गए प्रयोग को लिखते समय आवश्यक चित्र बनाए एवं सिद्धांत अवश्य लिखें। प्रयोग के सिद्धांत को तर्क के आधार पर समझने का प्रयास करना चाहिए यह आपको मौखिक प्रश्नों में अत्यधिक मदद करता है।
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जीव विज्ञान प्रैक्टिकल टिप्स
जीव विज्ञान की प्रवक्ता दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया कि स्पॉटिंग में सिर्फ मुख्य लक्षण ही लिखें एवं चित्र नामांकित तथा स्पष्ट होना चाहिए। मौखिकी के लिए बनाए गए चार्ट एवं मॉडल को अच्छी तरीके से तैयार करें। चार्ट या मॉडल अपने पसंद के शीर्षक पर ही तैयार करें तो ज्यादा अच्छा होगा। स्लाइड बनाते समय ध्यान रखें कि उसमें बबल्स न हो।
मूलकों के परीक्षण में सैद्धांतिक पक्ष को समझें
रसायन विज्ञान की प्रवक्ता डॉ. श्वेता श्रीवास्तव ने बताया कि गुणात्मक विश्लेषण के अंतर्गत गुणात्मक विश्लेषण के तहत अम्लीय एवं क्षारकीय मूलकों के परीक्षण में सैद्धांतिक पक्ष को अवश्य समझें। अम्ल एवं क्षारकीय मूलकों के परीक्षण में वर्गीकरण का आधार क्या है, विभिन्न समूह के समूह अभिकर्मक चयन का आधार क्या है, इसे भली भांति समझें, जिससे मौखिक में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देने में आसानी होगी। आयतमितीय विश्लेषण में फेरस अमोनियम सल्फेट का विलियन बनाकर तत्काल परीक्षण करें जिससे ऑक्सीकरण आदि के प्रभाव से सांद्रता परिवर्तित ना होने पाए।