वैसे भी नवरात्र के दिनों को शुभ माना जाता है। पित्रपक्ष के बाद नवरात्रों से ही शुभ कार्यों की शुरुआत होती है, लेकिन इस बार नवरात्र दस दिनों के होने से इनका महत्व और अधिक बढ़ गया है। आचार्यों का कहना है कि नवरात्र में दिनों का बढ़ना अत्यंत शुभ होता है।
भारतीय संस्कृति में शारदीय नवरात्रों का अलग ही महत्व है। नौ दिनों के इन नवरात्रों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। वैसे तो नवरात्र नौ दिनों के ही होते हैं, जबकि कभी-कभी तिथियों के फेरबदल से यह आठ या फिर सात दिनों के भी हो जाते हैं।
मगर इस बार शारदीय नवरात्रों में द्वितीया तिथि दो पड़ने से मां की आराधना दस दिनों तक चलेगी। एक अक्तूबर दिन शनिवार को कलश स्थापना के साथ शुरू हुए नवरात्र का दस अक्तूबर को व्रत परायण के साथ समापन होगा। वहीं 11 को विजया दशमी का पर्व मनाया जाएगा।
व्रत शुरू करने वालों के लिए अधिक फलदायी
आचार्य पंडित पुत्तन लाल शुक्ला के अनुसार नवरात्र का पर्व वैसे भी मां की आराधना के लिए अत्यंत शुभ दिन माने जाते हैं, लेकिन दस दिनों के नवरात्र कई दशकों में एक बार पड़ते हैं। इससे यह अधिक शुभ होते हैं। वहीं नवरात्र व्रत की शुरुआत करने वालों के लिए दस दिवसीय नवरात्र अधिक फलदायी होंगे।
कुछ इस प्रकार होंगे नवरात्र
दिनांक दिन तिथि
1 अक्तूबर शनिवार प्रथमा
2 अक्तूबर रविवार द्वितीया
3 अक्तूबर सोमवार द्वितीया
4 अक्तूबर मंगलवार तृतीया
5 अक्तूबर बुधवार चतुर्थी
6 अक्तूबर गुरुवार पंचमी
7 अक्तूबर शुक्रवार षष्ठी
8 अक्तूबर शनिवार सप्तमी
9 अक्तूबर रविवार अष्टमी
10 अक्तूबर सोमवार नवमी