नवनिर्वाचित भतावां प्रधान शकुंतला को बधाई देतीं सपा नेत्री मनीषा दीपक।
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सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक के भतावां ग्राम प्रधान पद के उपचुनाव में शकुंतला ने पति के निधन से रिक्त हुई सीट जीत ली। उन्होंने 1176 वोट हासिल कर अपनी प्रतिद्घंदी कुशला को 346 वोट से शिकस्त दी। सपा नेत्री मनीषा दीपक ने शकुंतला को बधाई दी है।
सिकंदरपुर सरोसी की ग्राम पंचायत भतावां में प्रधान मोतीलाल की बीमारी से मौत हो गई थी। इस सीट पर 30 सितंबर को उपचुनाव कराया गया था। प्रधान पद के लिए मोतीलाल की विधवा शकुंतला, कोटेदार हीरालाल की पत्नी कुशला देवी के अलावा कमलेश, रेनू और हीरालाल चुनाव मैदान में थे। मुख्य मुकाबला शकुंतला और कुशला देवी के बीच ही रहा। मंगलवार सुबह आठ बजे से सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक में मतगणना हुई। शकुंतला को कुल 1176 वोट मिले। दूसरे नंबर रहीं कुशला को 830 वोट मिले।
कमलेश, रेनू और हीरालाल को उनके अपने एक-एक वोट के अलाव कुछ नहीं मिला। शकुंतला ने प्रतिद्घंदी कुशला देवी को 346 वोटों से हराया। चुनाव जीतने के बाद शकुंतला ने सपा नेत्री व सदर विधानसभा प्रभारी मनीषा दीपक से उनके आवास पर मुलाकात की। मनीषा दीपक ने उन्हें प्रधान निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने गांव के विकास में हर संभव सहयोग का वादा भी किया।
तौरा व मऊ सुल्तानपुर में प्रधानी चलाएंगे ‘प्रशासक’
विकासखंड बिछिया की ग्राम पंचायत तौरा व मऊ सुल्तानपुर में अगले पांच साल तक प्रधानी प्रशासक चलाएंगे। इन सीटों पर चुनाव नहीं हो पाए हैं। दोनों गांवों की प्रधान पद की सीट अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर एसटी वर्ग का ही व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है। दोनों ही गांवों में एसटी वर्ग के लोगों के पास संबंधित जाति प्रमाणपत्र नहीं हैं। नियमानुसार नामांकन कराने के दौरान आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को जाति प्रमाणपत्र जमा करना होता है। वहीं प्रशासन का मानना है कि जिले में एसटी वर्ग के लोग नहीं हैं। ऐसे में उनका जाति प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा सकता है। इस पेंच के चलते तौरा व मऊ सुल्तानपुर गांव में विकास कार्यों के लिए एडीओ पंचायत बतौर प्रशासक नियुक्त हैं।