विकास भवन में गबन की शिकायत को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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रेशमकीट पालन घोटाला तूल पकड़ता जा रहा है। गबन का शिकार हुए लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सोमवार को डीएम, सीडीओ व एसपी कार्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही रकम वापसी की गुहार लगाई।
मालूम हो कि कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर में वर्ष 2011/12 में रेशम विभाग में लाखों रुपये का घोटाला हुआ था। इसमें विभागीय अधिकारी आरके तिवारी पर आधा सैकड़ा किसानों का पैसा गबन करने का आरोप है। इस मामले में आरोपी आरके तिवारी जेल भी गए जो मौजूदा समय में जमानत पर हैं। इस मामले की जांच के लिए जिला रेशम अधिकारी डीके गुप्ता बीती 23 फरवरी को गांव आए थे। इस दौरान आरोपी आरके तिवारी की पत्नी बीना तिवारी कानपुर से अपने ड्राइवर राजू के साथ मौके पर पहुंच गईं थी।बीना तिवारी ने किसानों पर आरोपी पति के पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया था।
इस दौरान गांव की महिलाओं व बीना तिवारी के बीच मारपीट हुई थी। जिस पर दोनों पक्षों ने कोतवाली में क्रास शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद से दोनों पक्षों में तकरार बढ़ती ही जा रही है। सोमवार को गांव के लोग एसपी कार्यालय, डीएम कार्यालय के साथ ही सीडीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंप आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रकम दिलाए जाने की मांग की है। अतिशीघ्र कार्रवाई न होने पर पीड़ितों ने प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान राजनारायण, हेमराज, राजकुमार, बाबूलाल, सेवकी, राजकुमार, मंगली प्रसाद, कमलेश, राजाराम, रामबाबू, रज्जन, रमेश, राकेश,ठाकुर प्रसाद भी मौजूद रहे।