उन्नाव। 21 मई को एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस के ग्यारह कोच उन्नाव स्टेशन के डाउन ट्रैक पर पटरी से उतरने के मामले में कार्रवाई की गई है। इस दौरान बड़ा हादसा टल गया था। वहीं पांच माह पहले छमकनाली पर मालगाड़ी पटरी से उतरी गई थी। इस दौरान कई कोच क्षतिग्रस्त हो गए थे। दोनों हादसों की जांच में सीनियर सेक्शन इंजीनियर की लापरवाही पाई गई। इसके चलते सीनियर सेक्शन इंजीनियर का तबादला कर दिया गया। विभागीय जांच की जा रही है।
लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस 21 मई 2017 को कचहरी क्रासिंग आउटर की तरफ रेल पटरी से उतर गई थी। इसके पहले 12 जनवरी को गंगाघाट स्टेशन के समीप छमकनाली के पास मालगाड़ी पटरी से उतरी थी। दोनों हादसों की जांच उत्तर रेलवे के उच्चस्तरीय अधिकारियों की टीम कर रही है। हाल ही में एक जांच रिपोर्ट को नकार कर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने दोबारा जांच शुरू कराई थी। रेल पटरियों की मेंटीनेंस में लापरवाही सामने आने पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बीते दिनों उन्नाव से गंगाघाट स्टेशन के बीच मेंटीनेंस काम देख रहे रेल पथ निरीक्षक मंजीत कुमार व उन्नाव-अजगैन प्रभारी नरेंद्र कुमार का तबादला किया जा चुका है। कुछ दिनों पहले कार्रवाई की जद में आए सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद का सुल्तानपुर तबादला कर दिया गया। मो. इरशाद ने चार्ज नहीं छोड़ा था। शिकायत पर जीएम ने मंडल स्तरीय अधिकारी को मंगलवार को फटकार दिया। इसके बाद शनिवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रभारी रेलपथ निरीक्षक विकास कुमार को चार्ज सौंपकर रवाना हो गए।