उन्नाव। शहर कोतवाली क्षेत्र के जुराखनखेड़ा में 4 जून को पांच लोगों की शराब पीने से मौत के बाद लोकनगर की तीन दुकानों से भरे गए शराब के नमूने जांच में सही पाए गए हैं। जिसके बाद इन दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई।
पांच लोगों की हुई मौतों के बाद जिला प्रशासन ने लोक नगर स्थित एक इंग्लिश, एक बियर व एक देसी शराब की दुकान को सील कर दिया था। हालांकि इन दुकानों की सील तोड़कर दूसरे दिन ही शराब की बिक्री शुरू कर दी गई थी।
जिसकी जानकारी होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी की उपस्थिति में आबकारी निरीक्षक जितेंद्र पाल ने दुकानों को फिर से सील कराया था और कोतवाली में इन तीनों ठेका मालिकों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था।
सील दुकानों से लिए गए शराब के नमूनों को जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था। जो जांच में सही पाए गए। जिसके बाद इन दुकानों को खोलने की स्वीकृति जिलाधिकारी ने दे दी है।
स्पष्ट नहीं हो सका मौत का कारण
उन्नाव। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रखा जाना व जांच में शराब के भी सही पाए जाने के बाद अब सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इन मौतों का कारण क्या रहा।
नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
उन्नाव। जुराखनखेड़ा में हुई मौत के बाद 11 अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई तो हो गई, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ भी रिपोर्ट पुलिस दर्ज नहीं कर सकी है। सिटी मजिस्ट्रेट ने पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही थी लेकिन लगता है कि उन्होंने भी अब कदम पीछे खींच लिए हैं।