शहर के जलकल कार्यालय परिसर में ढ़की खड़ी फागिंग मशीनें।
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उन्नाव। कोरोना का संक्रमण बढ़ने के बाद भी पालिका मोहल्लों व कार्यालयों को सैनिटाइज नहीं करा रही है। ऐसे में मोहल्लेवासियों में भी डर बना हुआ है। स्थिति यह है कि कार्यालय भी सैनिटाइज नहीं कराए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमित निकलने के बाद कर्मचारी भी दहशत में काम कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। उसके बाद भी पालिका उसमें लापरवाही बरत रहा है। शहर में हर रोज कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। अभी तक 28 स्थानों को हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। लेकिन किसी भी मोहल्ले में सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया। स्थिति यह है कि शहर कोतवाली में गुरुवार को तीन सिपाही कोरोना संक्रमित निकले थे। पालिका को कोतवाली सैनिटाइज करानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। न ही जिला अस्पताल परिसर को सैनिटाइज कराया गया। पालिका अधिकारियों के मुताबिक सैनिटाइज कराने के लिए तीन बड़े टैंकर व 100 छोटी मशीनें लगाई गईं हैं। उसके बाद भी शहर में कहीं सैनिटाइजेशन होता नजर नहीं आ रहा है। यही हाल फागिंग का है। कहीं भी फागिंग नहीं हो रही है। इससे मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ रहा है।
क्या बोले जिम्मेदार
ईओ रामपूजन श्रीवास्तव ने बताया कि सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। छोटी मशीनों से लगातार काम चल रहा है। जबकि टैंकर हर तीन दिन में शहर को सैनिटाइज कर रहे हैं। लेकिन जब उनसे शहर के हॉटस्पॉट की संख्या पूछी गई तो बोले इतना याद नहीं रहता।
- नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने बताया कि चूना व ब्लीचिंग पाउडर, सोडियम क्लोराइड आदि की आपूर्ति करने वाली संस्था का करीब चार लाख रुपये बकाया है। इससे पिछले दिनों कुछ परेशानी आई थी। काफी प्रयास कर व्यवस्था दुरुस्त की गई है। अब सैनिटाइजेशन में कोई समस्या नहीं आ रही है।