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इस गर्मी रुलाएगी बिजली

Wed, 17 Feb 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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शहरी क्षेत्र की बिजली सुधारीकरण के लिए लागू की गई योजना पांच साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में शहर के कई मोहल्लों में बांस-बल्र्िलयों के सहारे ही बिजली की लाइनें दौड़ी हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक तीन हजार से अधिक मजरों में विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। ऐसे में इस गर्मी में उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से जूझना पड़ेगा।
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केंद्र सरकार ने उन्नाव शहर, शुक्लागंज व बांगरमऊ की विद्युत आपूर्ति सुधारने के लिए आरपीडीआरपी योजना को 2011 में मंजूरी दी थी। फेज-एक में विद्युत कार्यालयों व सबस्टेशनों को ऑन लाइन किया गया था। दूसरे चरण में वर्ष 2012 में योजना का नाम आरएपीडीआरपी कर दिया गया। केंद्र सरकार ने उन्नाव शहर, शुक्लागंज व बांगरमऊ नगरों की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2012 में 38 करोड़ की धनराशि जारी कर दी थी। इसमें 18 करोड़ 69 लाख रुपये उन्नाव शहर को, 14 करोड़ 62 लाख रुपये शुक्लागंज और चार करोड़ 96 लाख रुपये बांगरमऊ को दिए गए थे। जानकारों की मानें तो केंद्र सरकार ने संस्था को लक्ष्य के शत प्रतिशत पूर्र्ति के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि दी थी।

योजना को पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2015 थी, मगर निर्धारित समय परएजेंसी मात्र 30 प्रतिशत काम ही पूरा कर पाई थी। इसके बाद कंपनी को छह माह का समय दिया गया। यह समय भी बीत गया, लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। शत प्रतिशत काम पूरा न होने से अभी भी कई मोहल्लों में बांस-बल्लियों के सहारे बिजली के तार बस्तियों में दौड़ रहे है। कई मोहल्लों में खंभे लग गए हैं तो तार नहीं खींचे जा सके हैं। ट्रांसफार्मर रख गए हैं तो कनेक्शन नहीं किए गए हैं। कई जगहों पर जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर हादसों के इंतजार में हैं।
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उन्नाव में 104.46 मीटर, शुक्लागंज में 18.98 मीटर और बांगरमऊ में 17.52 मीटर एबीसी केबिल डालने का वार्षिक लक्ष्य दिया गया था। इसी प्रकार उन्नाव में 11केवी के 135, शुक्लागंज में 78 और बांगरमऊ में 32 नए ट्रांसफार्मर लगने थे। इसके साथ ही उन्नाव में 8423, शुक्लागंज में 4047 और बांगरमऊ में 1971 मीटर तार लगाए जाने थे। इसमें से मात्र 50 फीसदी ही काम हो पाया है।

उन्नाव। जनपद के 3560 मजरे अभी भी विद्युतीकरण को तरस रहे हैं। इन मजरों में बिजली की रोशनी नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीण परेशान हैं और लालटेन की रोशनी में जीवनयापन करने को मजबूर हैं। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण फेज दो से इन मजरों में रोशनी पहुंचाई जानी है, लेकिन कार्यदायी एजेंसियों के कार्य करने की सुस्त रफ्तार को देखते हुए इस गर्मी में इन मजरों में बिजली पहुंचना संभव नहीं लग पा रहा है। विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के कोलवा गांव मजरे परियर में आज तक विद्युतीकरण नहीं हो पाया है।

कार्यदायी एजेंसी की ओर से आरएपीडीआरपी योजना का काम पूरा न कर पाने की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। वहीं राजीव गांधी विद्युतीकरण फेज दो योजना के जरिए तीन हजार मजरों का विद्युतीकरण करने की अंतिम तिथि दिसंबर 16 निर्धारित है। लेकिन समय पर काम पूरा हो पाने में संदेह है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। वहां से जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसके सक्सेना, अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल, उन्नाव
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