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न बनी सड़कें बनीं ना टूटी पुलियों की मरम्मत

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उन्नाव। छह माह पहले 70 मार्गों का शिलान्यास होने के बाद इनके मरम्मत की गाड़ी दो कदम भी न चल सकी। हाल ये है कि मानसून आने वाला है और जिले के कई प्रमुख मार्ग जर्जर और पुलिया टूटी पड़ी हैं। ऐेसे में बारिश होते ही लोगों का सफर करना मुश्किल होगा। जलभराव के बीच गड्ढे न दिखने से हादसों का भी डर रहेगा।
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आचार संहिता खत्म हुई तो आ गया बजट का रोड़ा
शहर के 32 वार्डों में गलियों के निर्माण के लिए दिसंबर 2021 में निविदा निकाली गई थी। 15वें वित्त से 70 मार्गों का निर्माण होना है। इन पर 8.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छह माह पहले विधानसभा चुनाव की आपाधापी में मार्गों का शिलान्यास कर दिया गया था। निर्माण शुरू होने से पहले ही आचार संहिता लागू हो गई थी। इससे काम शुरू होने से पहले ही रुक गया था। आचार संहिता खत्म हुई तो विधान परिषद चुनाव आ गए। फिर बजट की कमी आड़े आ गई। योजना थी कि मानसून से पहले सड़कें बना ली जाएं लेकिन कई मार्गों का अभी निर्माण शुरू ही नहीं कराया गया है। ऐसे में बारिश में शहरियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
247 पुलियों की डगर खतरे भरी
खतरे का सबब बनीं 208 पुलियों की मरम्मत व 39 के पुनर्निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने नवंबर 2021 में शासन को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। सात माह से अधिक समय बीत गया लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं किया गया। इस कारण पुलियों की मरम्मत व पुनर्निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। बारिश में क्षतिग्रस्त पुलियों से आवागमन आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं। हरदोई मार्ग पर भदनी गांव के पास बरकोता ड्रेन पर बनी पुलिया जर्जर है। पुलिया के दोनों ओर की दीवार टूट गई है। इसके कारण नाले में गिरने की आशंका रहती है। दो वर्ष पूर्व फतेहपुर चौरासी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के करीब 24 ट्रेनी दरोगा से भरी बस नाले में गिर गई थी। इसमें कई ट्रेनी दरोगा घायल हो गए थे। इसी तरह दर्जनों राहगीर हादसे का शिकार हो चुके हैं।
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- नगर पालिका के प्रभारी ईओ/एसडीएम सदर सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना की वजह से सड़कों के निर्माण की वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। मई में स्वीकृति मिलने के बाद कुछ का निर्माण शुरू करा दिया गया है। प्रयास किया जा रहा है कि बारिश से पहले ज्यादा से ज्यादा काम पूरा कर लिया जाए।
- सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक यादव ने बताया कि नवंबर 2021 में प्रस्ताव भेजकर मरम्मत व निर्माण के लिए बजट की मांग की गई थी। अभी स्वीकृति मिलने की लिखित जानकारी नहीं मिली है। बजट मिलने के बाद ही मरम्मत कराई जाएगी।
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