उन्नाव। बीते तीन दिनों में रोजाना औसतन एक से डेढ़ घंटे की बारिश ने शहर की सड़कों पर हुए मरम्मत कार्य की पोल खोल दी। शहर के मुख्य मार्गों सहित लिंक मार्गों के गड्ढों में भरा गया डामर-गिट्टी पानी के साथ ही बह गई। गड्ढों के रूप में विभाग की गड़बड़ी सामने आ गई। अब राहगीरों को आवागमन में समस्या हो रही है। वाहनों की चाल सुस्त होने से जाम भी लग रहा है। (संवाद)
सड़क-एक
व्यवस्त मुख्य मार्ग पर हिचकोले
शहर में आवास विकास कालोनी से गांधी नगर तक एक किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग का ज्यादातर हिस्सा गड्ढों में तब्दील हो गया है। सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा और कलक्टरगंज फाटक के आसपास की सड़क सबसे ज्यादा खस्ताहाल है। इसी मार्ग से होकर लोग सदर बाजार, सब्जी मंडी, जिला अस्पताल, कोतवाली, कचहरी और कलक्ट्रेट पहुंचते हैं। डीएसएन कॉलेज रोड मोड़ के पास, छोटा चौराहा और सदर बाजार में झंडेश्वर मंदिर के सामने बड़े-बड़े गड्ढे समस्या बन रहे हैं। मालूम हो कि इस मार्ग के गड्ढों को गड्ढा मुक्त अभियान के अलावा सात जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा और इसके बाद मोहर्रम के जुलूस से पहले भी भरा गया था।
सड़क-दो
एक दिन भी नहीं चली पैचिंग, राज्यमंत्री के जाते ही उखड़ी
उन्नाव-हरदोई मार्ग पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी हरदोई मार्ग को जोड़ने वाले पुल और उसके दोनों तरफ की सड़क की है। हैरानी की बात यह है कि हरदोई पुल और उससे जोड़ने वाली सड़क की आठ जुलाई को ही मरम्मत कराई गई थी। शुक्रवार नौ जुलाई को अल्पसंख्यक कल्याण मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी को निराला प्रेक्षागृह आना था। हैरानी की बात यह है कि सड़क को समतल दिखाने के लिए लोकनिर्माण विभाग ने जो गिट्टी भरी थी वह नौ अगस्त की शाम को ही तेज बारिश में बह गई। पूरी सड़क पर फैली गिट्टी में कई दो पहिया वाहन सवार फिसल कर चुटहिल हो चुके हैं।
शहर में जाम की वजह बनी गड्ढों वाली सड़कें
शहर के मुख्य मार्गों पर हुए गड्ढों की वजह से यातायात दिन भर रेंगता है। गड्ढों से बचने के लिए चार व दो पहिया वाहन चालक और ई-रिक्शा चालक इधर-उधर वाहन घुमाकर निकलते हैं। इससे दिन में कई बार जाम भी लगता है।
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने पर खर्च हुए थे 3.96 करोड़
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान हर साल बारिश से पहले चलाया जाता है और बारिश के बाद सड़कों का फिर वही हाल हो जाता है। जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान नवंबर 2023 में शुरू हुआ था। अधिक ठंड होने से काम सुस्त रहा और फरवरी 2024 में पूरा हो पाया। लोक निर्माण विभाग ने दावा किया था कि 1082 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया और इस काम में 3.96 करोड़ रुपये खर्च हुए।
कोट
शहर के मुख्य मार्गों की मरम्मत जल्द ही होगी। इसका टेंडर हो चुका है। अभी नाला निर्माण का काम चलने से सड़क का काम रुका है। नाला का काम काम पूरा होते ही सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
- प्रफुल्ल श्रीवास्तव, जेई पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड