सफीपुर (उन्नाव)। नगर स्थित एक नर्सिंगहोम में ऑपरेशन के बाद प्रसूता और उसके जुड़वा बच्चों की हालत बिगड़ गई। एक नवजात की कुछ ही देर बाद मौत हो गई, जबकि प्रसूता और दूसरे बच्चे ने लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक, महिला का ऑपरेशन सीएचसी में तैनात एक सर्जन ने किया था। सीएचसी प्रभारी और एसीएमओ ने प्रकरण की जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई की बात कही है।
कुरसठ ग्रामीण के मजरा दलेल खेड़ा गांव निवासी मिथिलेश की पत्नी पुष्पा (30) को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे नगर स्थित एक नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। यहां ऑपरेशन के बाद पुष्पा ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। मिथिलेश के मुताबिक, ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद जच्चा और दोनों नवजात बच्चों की हालत बिगड़ गई। एक नवजात की कुछ ही देर में नर्सिंग होम में मौत हो गई। इसके बाद नर्सिंगहोम संचालक ने बच्चेदानी फट जाने की बात ककर हालत गंभीर बताई और लखनऊ मेडिकल कॉलेज लेकर जाने की सलाह दी। उन लोगों ने दोपहर में लखनऊ मेडिकल कॉलेज में पुष्पा और बच्चे को भर्ती कराया। जहां देर शाम इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। मिथिलेश के मुताबिक, पुष्पा का ऑपरेशन सीएचसी के एक डॉक्टर ने किया था।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी अस्पताल में ऑपरेशन नहीं कर सकता है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। आरोप की पुष्टि होने पर डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप साबित होने पर दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।