पाइप लाइन परियोजना के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की एनओसी लिए बिना ही जल निगम अधिकारियों ने सड़क किनारे की पटरी खोद डाली।
जिला पंचायत की बैठक में पुरवा विधायक उदयराज यादव के इस मामले में सवाल पूछने पर जलनिगम एक्सईएन बगले झांकने लगे।
इस
पर जब विधायक ने एक्सईएन पर कार्रवाई के लिए सीडीओ से पत्र भेजने को कहा
तो वहां पर मौजूद जिला पंचायत सदस्यों ने मेज थपथपाकर उनका समर्थन किया।
बैठक में बिजली, सड़क व पानी के मुद्दे छाए रहे।
शनिवार को जिला
पंचायत की बैठक अपने निर्धारित समय दोपहर 1 बजे शुरु हुई। सबसे पहले अपर
मुख्य अधिकारी अशोक यादव ने गत बैठक की कार्रवाई सदन में प्रस्तुत की। इसके
बाद जिला पंचायत सदस्य गोविंद यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि इंदिरा आवास
के लिए जो नए नियम बने हैं , उसके तहत पात्रों का चयन की समयसीमा बढ़ाई
जाए।
इस पर पुरवा विधायक उदयराज यादव ने कहा कि वर्ष 2002 में बनाई
गई बीपीएल सूची में उन लोगों के नाम हैं जो साधन संपन्न हैं। इसके बाद भी
यह लोग शासन की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। जबकि जो पात्र हैं वह कच्चे
झोपड़ों में रहने को विवश हैं।
सीडीओ से कहा कि इस मामले में
जल्दबाजी न करें। चाहे एक माह का समय लगे सही सर्वे कराकर गरीबों को लाभ
दिलाया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने जवाब दिया कि जनगणना हो चुकी है। अब
ग्राम विकास अधिकारी पंचायत स्तर पर जाकर डोर टू डोर चेक करेंगे।
जो
जनगणना सूची है, उसका ही सर्वे होगा। सर्वे के माध्यम से सूचियां ठीक की
जाएंगी। इसके बाद गोविंद यादव ने नलकूप खराब होने का मामला उठाया। उदयराज
ने भी माना कि करीब 80 प्रतिशत नलकूप हमेशा खराब रहते हैं। इसी मामले में
जलनिगम एक्सईएन को आड़े हाथों लिया गया।