उन्नाव से मगरवारा तक रेलवे ट्रैक की पटरियों व स्लीपर बदले गए। इससे करोवन क्रासिंग करीब दस घंटे बंद रही। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं फोर्स के न पहुंचने से लोग बेरोकटोक क्रासिंग से साइकिल व दोपहिया वाहन लेकर निकलते रहे। इस बीच लखनऊ कानपुर रेलमार्ग पर सभी ट्रेनों को काशन लेकर गुजारा गया।
गुरुवार की सुबह सात बजे से रेलवे क्रासिंग संख्या-36 स्पेशल करोवन को बंद कर दिया गया। इसके बाद यहां पर स्लीपर व पटरियों को बदलने का काम शुरू हुआ। तेजी से मरम्मतीकरण का काम कर रहे कर्मचारियों को स्थानीय लोगों की आवाजाही ने जमकर परेशान किया। हालांकि कर्मचारी लोगों को रोक-रोककर काम करते रहे। शाम पांच बजे के बाद रूट को पूरी तरह से खोल दिया गया। सीनियर सेक्शन इंजीनियर मो. इरशाद ने बताया कि शुक्रवार को भी सुबह सात से शाम पांच बजे तक डाउन ट्रैक पर मरम्मत का काम चलेगा।
नहीं पहुंचे आरपीएफ, जीआरपी व ट्रैफिक सिपाही
गुरुवार व शुक्रवार को करोवन क्रासिंग पर होने वाले काम के चलते क्रासिंग बंद रहने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने जीआरपी, आरपीएफ व ट्रैफिक विभाग के आलाधिकारियों को पत्र भेजकर क्रासिंग पर पुलिस की तैनाती की मांग की थी। लेकिन किसी भी विभाग से कोई भी नहीं पहुंचा। इससे रेल कर्मचारियों को क्षेत्रीय लोगों के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा। लोग जबरन क्रासिंग के बीच से निकलते रहे और कर्मचारी मौन रहकर देखते रहे।