उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग के एमडीएम कार्यालय में एमडीएम के हो रहे ऑडिट में टीचरों से वसूली की जा रही थी। सूचना मिलते ही मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो कैमरे का फ्लैश चमकते ही ऑडिट कर रही टीम अपना बोरिया बिस्तर लेकर गोल हो गई। इस दौरान विकासखंड नवाबगंज के सिर्फ दस विद्यालयों का ही ऑडिट हो पाया बाकी टीचर बिना ऑडिट के ही लौट गए।
प्राइमरी विद्यालयों में बनने वाले एमडीएम का अप्रैल 2013 से मार्च 2014 तक का गुरुवार को एमडीएम कार्यालय में विकासखंड नवाबगंज के 199 प्राइमरी व 50 जूनियर विद्यालयों का ऑडिट हो रहा था। सुबह 10 बजे से ऑडिट का कार्य शुरू हुआ। आडिट टीम वसूली करने लगी तो टीचरों ने इसकी सूचना मीडिया को दी। मीडिया के पहुंचने के बाद मामला बीएसए के पास पहुंचा। बीएसए ने एमडीएम प्रभारी रामजी को निर्देश दिया कि टीचरों से कह दो कि ऑडिट के नाम पर कोई भी पैसा नहीं देगा। बीएसए के निर्देश के बाद एमडीएम प्रभारी रामजी एमडीएम कार्यालय पहुंचे तब ऑडिट कर रहे लोगों ने कार्य बंद कर दिया था।
एमडीएम प्रभारी रामजी ने बताया कि स्थनीय निकाय की ऑडिट टीम ऑडिट का काम कर रही थी। वसूली की सूचना मिली थी इस कारण ऑडिट का काम बंद करा दिया गया है। एमडीएम प्रभारी से ऑडिट टीम के सदस्यों का नाम पूछा गया तो उनका कहना था कि टीम के सदस्यों का नाम उनकी जानकारी में ही नहीं है।
बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि वसूली की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि वसूली सामने आती है तो ऑडिट निरस्त कराया जाएगा।