युद्ध में मेघनाद, अहिरावण व कुंभकरण की मृत्यु के बाद रावण ने स्वयं राम
से युद्ध करने का निर्णय लिया। इसके बाद वह युद्ध के मैदान में उतर गया और
भगवान राम व महाप्रतापी रावण के बीच भीषण युद्ध होने लगा। दोनों ओर से
तीरों की बौछार हो रही थी। दोनों योद्धा एक-दूसरे पर वार किए जा रहे थे।
भगवान
राम ने रावण पर सभी प्रकार के हथियारों का उपयोग किया लेकिन रावण पर उनका
कोई भी असर नहीं पड़ रहा था। इसके बाद रावण के भाई विभीषण ने प्रभु राम को
बताया कि रावण ने अमृत पान कर रखा है और अमृत उसकी नाभि में है। यदि वह
रावण की नाभि में वार करें तो ही रावण की मृत्यु हो पाएगी।
राम ने
रावण की नाभि पर निशाना साधकर वाण चलाया। नाभि में तीर लगते ही रावण तुरंत
धरा पर गिर गया। रावण के पराजित होते ही चारों ओर राम-लक्ष्मण की जय-जयकार
होने लगी। इसके बाद पवनपुत्र हनुमान ने रावण के विशालकाय पुतले को आग के
हवाले किया और पुतला धू-धूकर जल उठा।
साकेत धाम में आयोजित हो रही
श्रीरामलीला कार्यक्रम में सरदार गुरवीर सिंह, सोहनलाल आर्या, राकेश सिंह
चौहान, कन्हैया अवस्थी, संजय राठी, अजय सिंह, सुरेश मिश्र, अरविंद कमल,
नवीन चौरसिया, जयचंद्र जायसवाल, केदारनाथ गुप्ता, कांती मोहन गुप्ता,
कन्हैया अवस्थी आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा उन्नाव बार एसोसिएशन
द्वारा आयोजित रामलीला में पचास फिट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। यहां
भी दशहरा के अवसर पर रावण वध का कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर बार
अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह, दीप नारायण त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष गुलाब सिंह,
गिरीश मिश्रा, अनुराग बाजपेई, सतीश शुक्ला आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
वृंदावन
गार्डेन आवास विकास में रामलीला महोत्सव के आयोजन में रावण वध का
कार्यक्रम कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। यहां वीरेंद्र विक्रम सिंह,
विवेक गुप्ता, हिमांशु विक्रम निगम, सतीश गुप्ता, कुलदीप सिंह, वीरेश
श्रीवास्तव, सुधा गुप्ता, रानी सिंह, ममता द्विवेदी आदि उपस्थित रहे।