असोहा (उन्नाव)। फर्जी मार्कशीट लगाकर आवंटित कराई गई राशन दुकान को निलंबित करने के बाद गुपचुप तरीके से फिर बहाल कर दिया गया। ग्रामीण की शिकायत पर रायबरेली के विधायक ने विधानसभा में मुद्दा उठाया तो मामले ने तूल पकड़ा। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
असोहा विकासखंड की ग्राम पंचायत बछौरा में मार्च-2018 में आनंद मोहन के नाम सरकारी राशन दुकान का आवंटन किया गया था। गांव के ही कुलदीप ने तत्कालीन एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कक्षा आठ की फर्जी मार्कशीट लगाकर दुकान का आवंटन कराने का आरोप लगाया था। एसडीएम ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान जिस स्कूल की कक्षा आठ की मार्कशीट लगाई गई थी, वहां के प्रधान शिक्षक ने फर्जी मार्कशीट होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद कोटेदार को तीन दिन के अंदर समस्त कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए नोटिस जारी किया गया था। समय पर नोटिस का जवाब न देने पर राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद राशन दुकान को गुपचुप तरीके से बहाल कर दिया गया था। कुलदीप ने इसकी शिकायत रायबरेली के हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल राजपूत से की थी। विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान इस मामले को उठाया था और जांच कराने की मांग की थी। विधानसभा के विशेष सचिव ने अध्यक्ष के हवाले से मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव खाद एवं रसद विभाग को जांच कराने के लिए पत्र भेजा। इसी पत्र को प्रमुख सचिव खाद एवं रसद विभाग ने डीएम को भेजकर जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।