उन्नाव। खाद्य सुरक्षा अधिनियम में महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। इस अधिनियम के तहत जो राशनकार्ड बनेंगे वह घर की महिला मुखिया के नाम से होगा। राशनकार्ड के लिए हर ग्राम पंचायत में घर-घर जाकर सर्वे करके फार्म भराया जाएगा। फार्म भरने के दौरान महिला को पहचानपत्र के साथ बैंक का स्टेटमेंट भी देना होगा।
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में महिलाओं को सबल बनाए जाने की योजना तैयार की गई है। इस अधिनियम के तहत बनने वाला राशनकार्ड घर की महिला मुखिया के नाम से बनाया जाएगा।
उम्र दराज महिला न होने की दशा में 18 साल की उम्र पूरी कर चुकी युवती के नाम से राशनकार्ड बनेगा। कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे के बाद फार्म भरवाएंगे। इस दौरान महिला मुखिया को अपना कोई पहचानपत्र देना होगा। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट की भी फोटोकॉपी फार्म के साथ लगानी होगी।
महिला मुखिया के नाम से फार्र्म भरने के बाद घर के अन्य सदस्यों का विवरण दर्ज किया जाएगा। जिला पूर्ति विभाग के अधिकारी के मुताबिक, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम में उनके नाम से राशनकार्ड बनाए जाने की योजना तैयार की र्गई है।
....तो पुराने राशनकार्ड हो जाएंगे कैंसिल
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जैसे ही सर्वे काम पूरा हो जाएगा तो पुराने बने राशनकार्ड कैंसिल हो जाएंगे। पूर्ति विभाग के निरीक्षक दिलीप कुमार का कहना है कि जो नए कार्ड बन रहे हैं उसके प्रिंटआउट में यह स्पष्ट लिखा हुआ है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लागू होने के बाद पुराने राशनकार्ड अमान्य हो जाएंगे। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत बने कार्ड की मान्य रहेंगे।
वर्जन
खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जो गाइड लाइन जारी हुई है उसमें घर की महिला मुखिया के नाम से ही राशनकार्ड बनाए जाएंगे। जैसे ही यह अधिनियम पूरी तरह से लागू होगा वैसे ही वर्तमान समय में बन रहे राशनकार्ड कैंसिल हो जाएंगे। महिला न होने पर पुरुष के कार्ड बनेंगे कि नहीं इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल मैं छुट्टी पर हूं, वापस आने पर उच्चाधिकरियों से इस मामले में जानकारी करुंगी।
सुशीला गौड़, एरिया राशनिंग आफिसर उन्नाव।