रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिलाओं ने राखी व मिठाई की जमकर खरीदारी की। सुबह से रात तक बाजारों में महिलाओं की भीड़ लगी रही। इस बार राखियों की च्वाइस का ट्रेंड बदला है। चाइना की जगह मथुरा व जयपुर की राखियां पहली नजर में खूब लुभा रही हैं। इसके अलावा कोलकाता में बनी राखियों की भी धूम है। त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। देर रात तक बाजार खरीदारों से गुलजार रहे।
गुरुवार को भाई-बहनों के प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को बहनें अपने भाईयों के लिए रक्षा का धागा राखी खरीदने बाजारों में पहुंची। बाजार में रेशमी धागे वाली राखी, गोल्ड प्लेटेड चेन वाली राखी, सिल्वर चेन की राखी को बहनों ने काफी पसंद किया। इसके अलावा बहनों ने भाईयों का मुंह मीठा करवाने के लिए तरह-तरह की मिठाइयां खरीदीं। वहीं बहनों के साथ-साथ भाईयों ने भी अपनी बहनों को देने के लिए कपड़ों व अन्य गिफ्ट आइटम की खरीदारी की।
ब्रेसलेट वाली राखी ने खूब रिझाया
बाजार में ब्रेसलेट डिजाइन की राखियों की बिक्री जा रही। नग जड़ी राखियां व अन्य डिजाइनर राखियों से पटे पड़े बाजार में ब्रेसलेट वाली राखी की अत्यधिक मांग रही। इसके साथ ही लूंबा की भी खूब मांग रही।
मिठाइयाें के दामों में रही तेजी
उन्नाव। खोये के दामों में तेजी के चलते खोये से बनी मिठाइयां काफी मंहगी रहीं। शहर की कुछ प्रसिद्ध दुकानों में खोये की मिठाइयों के दाम चार से पांच सौ रूपए प्रति किलो तक रहे। मिठाई दुकानदारों की माने तो इस बार खोया रक्षाबंधन से तीन दिन पूर्व ही ढाई से तीन सौ रुपये किलो तक बिक गया था। इसके चलते यदि शुद्ध खोये की मिठाई देनी है तो इसके दाम तो बढ़ेंगे ही।
सुबह छह से शाम चाह बजे तक है शुभ मुहूर्त
आचार्य पंडित पुत्तन लाल शुक्ला ने कहा कि रक्षा बंधन के लिए पूजन का शुभ मुहूर्त गुरुवार की सुबह छह से शाम चार बजे तक है। इस दौरान पूजन करना सबसे शुभ होगा। आचार्यों ने बताया कि बहनों को चाहिए कि शुभ मुहूर्त में पूजन कर लें। फिर रखी चाहे देर रात तक बांधे।
ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में मना पर्व
उन्नाव। सिविल लाइंस स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में रक्षाबंधन हर्षोल्लास से मनाया गया। संचालिका बीके कुसुम ने पर्व का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व वास्तव में रक्षा के लिए परमात्म स्नेह में बंधने के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसमें आत्मा की स्मृति दिलाने के लिए टीका लगाया जाता है। उन्होंने कहा बहनें हर साल भाईयों को राखी बांधती हैं फिर भी बहनों की लाज सरेआम लूटी जा रही है। इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता के अलावा गंगासागर सिंह, राकेश शुक्ला, अमरनाथ यादव, डा. रेखा सिंह, कल्पना सिंह, सरला सिंह, गौसिया खान भी मौजूद रहीं। इसके बाद ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल में पहुंचकर बंदी भाईयों को रखी बांधी। जेल अधीक्षक आरएन पांडेय, जेलर धीरज कुमार, आलोक कुमार शुक्ला, डिप्टी जेलर व अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।