उन्नाव। जनपद में मंगलवार को चार घंटे की झमाझम बारिश ने एक ओर शहरी लोगों को परेशान कर दिया वहीं किसानों के चेहरे खिल गए। इस बारिश से शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ी। शहर से लेकर गांव तक की गलियां व पगडंडियां जलभराव की चपेट में रहीं।
हालांकि यह तेज बारिश किसानों के चेहरों पर मुस्कान ले आई। झमाझम बारिश से खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। इसके साथ ही खरीफ फसलों की जुताई-बुआई में तेजी आ गई है। बारिश ने किसानों का सिंचाई का पहला पानी बचा दिया है। खेतों में रौनक लौट आई है। किसानों का कहना है कि यह पहली तेज बारिश हुई है। इससे खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी।
बारिश शहरवासियों के लिए आफत लेकर आई। शहर नर्क में तब्दील हो गया। शहर के अधिकांश मोहल्ले जलभराव की चपेट में रहे। गलियों में इस कदर पानी भरा कि लोगों को उसके बीच से आवागमन करने को मजबूर होना पड़ा। इस तेज बारिश ने नगर पालिका के सफाई दावों की पोल खोल दी।
सोमवार देररात से शुरू हुई बारिश मंगलवार दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगभग चार घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इससे खेत-खलिहान तक पानी से लबालब हो गए। सीजन की इस तेज बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। खेतों में जुताई, बुआई का काम तेज हो गया। वहीं यह बारिश शहरवासियों के लिए मुसीबत लेकर आई। शहर के अधिकांश मोहल्लों में भीषण जलभराव हो गया।
हाल यह रहा कि शहर का वीआईपी क्षेत्र में शुमार सिविल लाइन भी जलभराव से अछूता नहीं रहा। शहर के मोहल्ला पूरबखेड़ा, कल्याणी, पूरननगर, गांधीनगर, इन्द्रानगर, किला, तालिबसराय आदि की गलियों में घुटनों तक पानी भरा रहा। अधिकांश लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हुए। जो निकले भी तो उन्होेंने घुटनों तक भरे पानी के बीच से आवागमन किया। इसके साथ ही नालों के किनारे जमा की गई सिल्ट फिर बारिश में बहकर नाली में ही पहुंच गई। शहर के मुख्य मार्ग तक जलभराव की चपेट में रहे।
हालांकि चार घंटे की तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। दोपहर 12 बजे के बाद बारिश बंद होते ही जैसे ही आसमान साफ हुआ वैसे ही तेज धूप निकली। इस तेज धूप ने उमस में इजाफा कर दिया। लोग चिपचिपी गर्मी से बेहाल नजर आए। शाम तक यही मौसम बना रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 31 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरे सप्ताह तक मानसून बना रहेगा। जिससे लोगों को गर्मी से निजात मिलती रहेगी।
धान की बेड़ लगाने में आएगी तेजी
इस बारिश से खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान की बेड़ लगाने में तेजी आएगी। वहीं जिन किसानों ने पहले सेे ही खुद के सिंचाई साधनों से बेड़ लगा ली है वह खेत में फसल की बुआई में तेजी लाएंगे। कृषि के जानकारों की मानें तो चार घंटे की झमाझम बारिश से खेतों में पानी भर गया है जो धान की बुआई के लिए खासा फायदेमंद है। इसके साथ ही बुधवार से खेतों पर किसानों की भीड़ नजर आएगी।
बैल व ट्रैक्टर की मदद से जुताई का काम तेजी के साथ होगा। जानकारों के मुताबिक, यह बारिश उन किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी जिन्हाेंने पिपरमिंट व गेदें के फूलों की खेती की हुई है। यह बारिश इन फसलों की खेती के लिए रामबाण साबित होगी। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, इस बार जिले में खरीफ फसलों की बुआई का करीब 1 लाख 84 हजार 2 सौ 91 हेक्टेअर में लक्ष्य रखा गया है। जिसमें धान 99792 हेक्टेअर, मक्का 28395 हेक्टेअर, ज्वार 3343 हेक्टेअर, बाजरा 1128 हेक्टेअर, उर्द 29534 हेक्टेअर, मूंग 4946 हेक्टेअर, मूंगफली 1963 हेक्टेअर, अरहर 2268 हेक्टेअर, तिल 12920 हेक्टेअर में बोई जाएगी। बताया जाता है कि यदि ठीकठाक बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की रिकार्ड पैदावार हो सकती है।