उन्नाव। फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर बम मिलने के बाद भी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। अलर्ट घोषित होने के बावजूद मुख्य द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक पर बेरोकटोक लोग सामान लेकर घूमते रहे, लेकिन जांच पड़ताल करने की जहमत न तो जीआरपी ने उठाई और ना ही आरपीएफ ने। ऐसे में स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे ही रही।
शनिवार को फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर दो टाइम बम मिलने से हड़कंप मच गया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के बाद प्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाए। खासकर रेलवे स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए लेकिन स्थानीय उन्नाव जंक्शन पर इस अलर्ट का कोई असर नहीं दिखा।
जीआरपी व आरपीएफ ने अलर्ट को ताक पर रखा और कहीं भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई। जंक्शन के मुख्य द्वार से बेरोकटोक यात्री इंट्री कर रहे थे। उनसे पूछने वाला कोई मौजूद नहीं था। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक, दो, तीन, चार और पांच पर कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। प्लेटफार्मों पर भी आसानी से लोग चहलकदमी कर रहे थे। कई जगहों पर भारी भरकम सामान भी रखा हुआ था लेकिन किसी भी पुलिस अधिकारी ने थाने से बाहर निकलकर इन्हें जांचने की जरूरत नहीं समझी।
इंसेट-1
दो जगहों पर टूटी दीवारों से बेरोकटोक आते-जाते हैं लोग
उन्नाव जंक्शन पर दो जगहों पर दीवारें टूटी हुई हैं। एक का रास्ता कचहरी तो दूसरे का रास्ता डाकखाने की ओर जाता है। दीवार टूटी होने का फायदा लोग चोर दरवाजे के रूप में करते हैं। रविवार को इन टूटी दीवारों के पास भी कोई जवान तैनात नहीं दिखा।
वर्जन
यदि स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं रही तो इसे दिखवाता हूं। वैसे पंचायत चुनाव में रविवार को जीआरपी गई है ऐसे में पुलिसकर्मियों की कमी हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
- ह्दयेश कठेरिया, पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी लखनऊ मंडल।