गढ़ेवा में गंगा नदी पर रविवार को पीडब्लूडी के अवर अभियंता व स्थानीय लेखपाल की ओर से सड़क का निर्माण कार्य रुकवाए जाने के बाद भी ठेकेदार ने सड़क निर्माण शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सैकड़ों किसान लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। भड्के किसानों को देख चालक व ठेकेदार भाग निकले।
बताते चले कि गढ़ेवा में गंगा नदी पर बन रहे पुल के लिए गढ़ेवा से पुल तक लिंक मार्ग पर बिना किसानों की अनुमति के रोड बनाने वाले ठेकेदार ने रातोंरात गेहूं, सरसों व अन्य फसलों की अनदेखी कर करीब दर्जन भर ट्रैक्टरों से सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया।
तीन दिन पहले पूर्व प्रधान चन्द्रकुमार अवस्थी के नेतृत्व ने लोकनिर्माण विभाग व एसडीएम से गुहार लगाई। इसके बाद किसानों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए एसडीएम मृत्युंजयराम ने लेखपाल जयबहादुर सिंह व पीडब्लूडी के अवर अभियंता को मौके पर भेजा था।
किसानों से भूमि अधिग्रहीत किए बिना ठेकेदार द्वारा गलत तरीके से बनाई जा रही सड़क का निर्माण तत्काल रोकने के निर्देश दिए थे। निर्देश पर दो दिन तक ठेकेदार ने काम बंद रखा। शनिवार की रात पुन: एक दर्जन ट्रैक्टर निर्माण कार्य में लगा दिए।
रविवार सुबह जैसे ही गांव के किसानों को इसकी जानकारी हुई वैसे ही सैकड़ों किसान हाथ में लाठी, डंडे लेकर मौके पर जा पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ आती देख कुछ ट्रैक्टर चालक भाग निकले और ठेकेदार भी मौके से निकल गया। पकड़े गए ट्रैक्टरों के ड्राईवरों को बहुत मिन्नतें करने के बाद किसानों ने छोड़ा।
पूर्व प्रधान डा. चन्द्रकुमार अवस्थी ने बताया कि काम कर रहे ठेकेदार को नामित करते हुए ट्रैक्टरों के खिलाफ थाने में तहरीर दी जाएगी। कहा कि लोक निर्माण विभाग व तहसील प्रशासन की रोक के बावजूद चोरी से निर्माण कर किसानों को हानि पहुंचाना असंवैधानिक है।
मौके पर जाकर काम रुकवाने वाले किसानों में प्रमुख रुप से सुधीर सिंह, सुन्दर निर्मल, धीरेन्द्र सिंह, गीता सिंह, पप्पू सिंह भदौरिया, लीलाधर कविता, सत्यप्रकाश, रणधीर, रामजियावन कुरील आदि शामिल रहे।