बिठूर-परियर मार्ग पर निर्माणाधीन पुल में किसानों की मानक से अधिक जमीन अधिग्रहीत किए जाने पर किसानों ने काम बंद करा दिया। कार्यदाई संस्था के अधिकारियों ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।
नायब तहसीलदार व पीडब्लूडी के अधिशाषी अभियंता मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी। अधिकारियों ने किसानों को मानक से अधिक जमीन अधिग्रहीत न किए जाने का आश्वासन दिया, तब जाकर काम शुरू हो सका।
मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल परियर-बिठूर पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पुल को जोड़ने वाली सड़क के बीच में आने वाली भूमि का मुआवजा भी विभाग की ओर से किसानों को दिया जा चुका है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग व कार्यदाई संस्था के अधिकारियों ने सड़क किनारे की खुदाई शुरू कराई।
मानक से अधिक जमीन पर खुदाई करवाने से नाराज एक सैकड़ा किसानों ने आकर काम रुकवा दिया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। शनिवार को नायब तहसीलदार एके सरोज व लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता एके सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
किसानों में शिवशंकर पांडेय, प्रेम पांडेय, बेचेलाल, लालता गौतम, सुरेशपाल, किशन निषाद आदि सैकड़ों किसानों ने नायब तहसीलदार से जबरन मानक से अधिक भूमि अधिग्रहीत किए जाने की शिकायत की।
नायब तहसीलदार ने किसानों को समझाया और आश्वासन दिया कि जितनी जमीन का उन्हें मुआवजा दिया गया है, उसी पर काम कराया जाएगा। मानक से अधिक जमीन अधिग्रहीत नहीं की जाएगी।
आश्वासन के बाद किसान माने और काम की शुरुआत हो सकी। इस दौरान लेखपालों में चंद्रभूषण यादव, रामनरेश यादव, सत्येंद्र व बृजेंद्र के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।