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जन जागरूकता से आएगी हरित क्रांति......

Sun, 28 Feb 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
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आबोहवा में लगातार बढ़ रहा जल व वायु प्रदूषण चिंता का विषय है। वहीं दिनोंदिन गिरता भूगर्भ जलस्तर भी जनमानस के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या, धड़ाम सीवरेज सिस्टम, फैक्ट्रियों की ओर से सीधे नालों में बहाया जा रहा दूषित पानी जिले में बढ़ रहे प्रदूषण का कारण बना हुआ है। हालांकि स्थितियां अभी उतनी विकराल नहीं हुई हैं जिससे लोगों की जान पर बन आए। यदि हम अभी से जागरूक हो जाएं और प्रदूषण को लेकर गंभीरता दिखाएं तो इसमें कमी लाई जा सकती है। दूषित वातावरण को शुद्ध बनाने में आम जनमानस को खुद की जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को अनुकूल बनाने के प्रयास में ‘अमर उजाला’ और ‘मैक्स ब्लॉक्स’ की ओर से ‘पर्यावरण बचाओ, देश बचाओ’ विषय पर फैंटेसी मोटेल में एक पर्यावरण चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों, निर्माण व विकास कार्य से जुड़े लोगों, समाजसेवियों व आम जनमानस ने अपने सुझाव देते हुए प्रदूषण को लेकर चिंता जताई।
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 कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सीडीओ संदीप कौर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। पर्यावरण को लेकर अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी संदीप कौर ने कहा कि पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए लोगों को अपनी बुरी आदतों को छोड़ना होगा। कहा कि निर्माण कार्य के कारण होने वाले प्रदूषण को बचाने के लिए निर्माण कार्य तेजी से करने चाहिए और कार्यस्थल पर लगातार पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी का जमाव नहीं होने नहीं देना चाहिए। उन्नाव को सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है यह गंभीर विषय है। हमें इससे बचना होगा। इस दौरान उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता राजेश तोमर, शिवप्रकाश शुक्ला, नगर पालिका ईओ रोली गुप्ता, विवेक तिवारी, आईआईए के सदस्य जेएन मिश्र, मनीष सिंह सेंगर, प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड के सहायक प्रदूषण अधिकारी विकास मिश्रा, के अलावा आर्किटेक्ट ललित कांत मिश्रा, जिले के प्रमुख उद्यमी जीएन मिश्रा, कांट्रेक्टर एसपी तिवारी, अतुल अवस्थी, दिनेश शुक्ला, गोलू सिंह, बिल्डिंग मेटेरियल सप्लायर विजय कुमार त्रिपाठी भी मौजूद रहे।

बोले अधिकारी व जनता..........
परिचय-एएसएचए रिजवी, अधिशाषी अभियंता आरईएस।
अनियोजित विकास है प्रदूषण का मुख्य कारण
उन्नाव। आरईएस के एक्सईएन एएसएचए रिजवी ने कहा कि विकास मौजूदा समय की मांग है। लेकिन, अनियोजित रूप से किया गया विकास प्रदूषण का मुख्य कारण है। वाहनों का कम प्रयोग किया जाए। यदि विकास के लिए पेड़ काटे जाएं तो उनके स्थान पर नए वृक्ष लगाए जाएं।
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परिचय-संदीप शुक्ला, आईआईए अध्यक्ष।
जनता के सहयोग से लगेगी प्रदूषण पर लगाम
उन्नाव। आईआईए के अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि शासन, प्रशासन व जनता के सहयोग से प्रदूषण पर लगाम लग सकती है। प्रदूषण के समाधान के सभी लोगों को सजग होना होगा। कम होते वृक्ष और गिरता जलस्तर प्रदूषण का मुख्य कारण है।

परिचय-ललित कांत मिश्रा, आर्किटेक्ट।
लाल ईंट बनाने में बढ़ता है प्रदूषण
उन्नाव। आर्किटेक्ट ललितकांत मिश्रा ने कहा कि लाल ईंट बनाने में मिट्टी की खुदाई के साथ-साथ इसे पकाने में जो लकड़ी व कोयले का प्रयोग होता है इससे प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए फ्लाई ऐश ईंट का उपयोग कर प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सकती है।

परिचय-पंकज यादव, सहायक प्रदूषण अधिकारी।
इंडस्ट्रीज व हाउसिंग सोसायटी को होना चाहिए जागरूक
उन्नाव। सहायक प्रदूषण अधिकारी पंकज यादव ने कहा कि जिला जल प्रदूषणकारी उद्योगों का क्षेत्र है। इसलिए इंडस्ट्रीज के अलावा हाउसिंग सोसायटी को भी जागरूक होना चाहिए। प्रदूषण के विरुद्ध सभी को सामूहिक योगदान देना चाहिए।

परिचय-मनीष कटारिया, एमडी कटारिया ग्रुप।
इको फ्रैंडली घर बनेंगे तो आएगी हरित क्रांति
उन्नाव। कटारिया ग्रुप के एमडी मनीष कटारिया ने कहा कि प्रदूषण को रोकने को अब इको फ्रैंडली घरों का चलन बढ़ा है। सभी को लाल ईंट छोड़कर फ्लाई ऐश से निर्मित ईंट का प्रयोग कर प्रदूषण को बढ़ने से रोकना होगा।

परिचय-राजेश्वर सिंह, सहायक अभियंता यूडीए।
बिल्डिंग मैटेरियल डस्ट से करना होगा बचाव
उन्नाव। उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता राजेश्वर सिंह ने कहा कि अनियोजित कालोनियां भी बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण हैं। बिल्डिंग मैटेरियल से निकलने वाले डस्ट को हवा में घुलने से बचाना चाहिए। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
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