बंथर सीईटीपी में पानी के उत्प्रवाह को रोकने के लिए लगाई गई सील तोड़ते प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी।
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कुंभ स्नान के तहत तीन माह तक चली बंदी के बाद अब फैक्टरियों में उत्पादन जोर शोर से शुरू हो गया है। हालांकि फैक्टरियों के लिए तय किए गए मानकों पर नजर रखने के लिए प्रदूषण विभाग ने अब तक कोई नई रणनीति नहीं बनाई है। तीन माह में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाने वाला चर्म उद्योग अब पूरी ताकत के साथ उत्पादन करेगा। नतीजतन मानकों की अनदेखी भी होगी।
प्रयागराज में कुंभ आयोजन के चलते प्रदेश सरकार और एनजीटी ने 15 दिसंबर से जिले के बंथर, मगरवारा और अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित 52 उद्योगों को बंद करा दिया था। इसके अलावा सिटी जेल ड्रेन की कुछ फैक्टरियों को भी बंदी का आदेश दिया गया था। शासन की ओर से जारी आदेश में 15 दिसंबर से 15 मार्च तक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने का आदेश था।
15 मार्च से पहले बंदी के संबध में कोई नया आदेश न आने से सभी फैक्टरियों में 15 मार्च की रात से उत्पादन शुरू कर दिया गया। तीन माह बाद फैक्टरियों के खुलते ही उत्पादन भी शुरू हो गया है। शनिवार को कई बड़ी फैक्टरियों से हजारों लीटर प्रदूषित पानी का भी उत्प्रवाह हुआ। प्रदूषित पानी को शुद्ध करने के बाद बहाया जा सके इसके लिए बंथर सीईटीपी में लगी सील हटाई गई। बंथर सीईटीपी में रविवार तक फैक्टरियों का पानी पहुंच जाएगा। जिसके बाद पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया शुरू होगी। क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड अधिकारी विमल कुमार ने बताया कि तय मानकों का पालन कराने के लिए टीम बनाकर फैक्टरियों का निरीक्षण कराया जाएगा।