तीन महीने पहले पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार शातिर बदमाश अतीक
उर्फ रफीक को कोतवाली पुलिस ने बुधवार रात पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव
राजाबाजार दलीगढ़ी से दबोच लिया। उसे शरण देने वाले दलीगढ़ी निवासी इकरार
और मौरावां के मुसुंडी गांव निवासी दूसरे साथी जमीरुल पुत्र जहरी को भी
गिरफ्तार कर लिया।
अतीक पर पांच हजार का इनाम घोषित है। जानकारी के
अनुसार अतीक को बीती 18 मई को कानपुर जेल से उन्नाव कोर्ट मेें पेशी पर
लाया जा रहा था। उन्नाव शहर के मोहल्ला ईदगाह पत्थर कॉलोनी निवासी अतीक
पुत्र रफीक लूट और हत्या का आरोपी है। उसी दिन वह दो सिपाही गोविंद सिंह और
रामनरेश शुक्ला को चकमा देकर हथकड़ी समेत चलती ट्रेन से कूदकर भाग गया था।
उसे 16 सितंबर 2011 को शहर के मोहल्ला आदर्श नगर में बिरयानी
विक्रेता सुआ पुत्र राजेश की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था। बाद में
उसे कानपुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। कैदी के भागने पर दोनों सिपाही काम
में लापरवाही बरतने के आरोप में तभी से जेल में हैं।
बुधवार रात
कोतवाली के एसएसआई एसएन पांडेय ने बंदी को धर दबोचा। पूछताछ में अतीक ने
बताया कि वह मोहल्ले के एक पूर्व सभासद और उसके साथी की हत्या के इरादे से
पुलिस हिरासत से भागा था।
अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव ने
बताया कि घटना के खुलासे में कोतवाली पुलिस के अलावा स्वाट टीम प्रभारी
ऐनुद्दीन ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का
इनाम देने की
बात कही।