उन्नाव। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) में अपात्र पाए गए 3280 लाभार्थियों से रिकवरी शुरू करा दी गई है। अब तक 1980 अपात्रों से 36.80 लाख की वसूली की जा चुकी है। बाकी बचे 1300 और लोगों को वसूली के लिए नोटिस जारी की गई है।
एक फरवरी 2019 को मोदी सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत दो हेक्टेअर (अधिकतम आठ बीघा) खेती वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये दिए जाते हैं। हर चार माह में दो हजार रुपये की किश्त किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 467637 किसानों को पूर्व में 12वीं किश्त का भुगतान किया गया था। इसके बाद इन किसानों का आधार सत्यापन कराया गया था। किसान सम्मान लेने वाले जिले के किसानों में 3280 ऐसे मिले जो सरकारी कर्मचारी, बड़े व्यापारी, सरकारी कर्मचारी या अन्य रूप में आयकरदाता हैं। आयकरदाता होने के कारण उन्हें योजना का अपात्र पाया गया। इन आयकरदाताओं में किसी को एक तो किसी को चार-पांच किश्तों में 2,58,90,000 रुपये दिए जा चुके हैं।
अब कृषि उपनिदेशक कार्यालय से 1980 अपात्रों से 36.80 लाख रुपये की रिकवरी की गई है और 1300 लोगों को रिकवरी नोटिस जारी की गई है।
केस-1 मियागंज के आलोक कुमार शिक्षा विभाग से हैं। वह सालाना आयकर भी देते हैं। हालांकि गांव में खेती होने के कारण उनको किसान सम्मान निधि का लाभ मिला है। इनके खातों में पीएम किसान की किश्तें पहुंचीं हैं।
केस-2 औरास के शिव सिंह राजस्व विभाग में कार्यरत हैं। वह आयकरदाता भी हैं। गांव में खेती होने के कारण उनका नाम किसान सम्मान निधि में है। उनके खाते में चार माह में दो हजार रुपये के हिसाब से पैसा पहुंचा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले आयकरदाताओं को नोटिस जारी की जा चुकी है। कहा गया है कि जल्द ही सम्मान निधि की ली गई धनराशि वापस कर दें। अब तक 1840 किसानों ने 36.80 लाख धनराशि वापस कर दी है। शेष से भी वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। -डॉ. मुकुल तिवारी, उपकृषि निदेशक।