नलकूप न चल पाने से फसलें प्रभावित, घरों के सबमर्सिबल न चलने लोग परेशान
विद्यालय की कंप्यूटर कक्षाएं और पीएचसी में वैक्सीन सुरक्षित रखने पर भी पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरवा। स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के बाजीखेड़ा और मंगतखेड़ा फीडर से संपर्कित 78 गांवों के लोग लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से परेशान हैं। कम वोल्टेज के कारण निजी नलकूप और घरेलू सबमर्सिबल नहीं चल पा रहे हैं। वहीं उमस भरी गर्मी में पंखे कूलर धीरे-धीरे चलने से लोग बेहाल हैं।
स्थानीय पावर से जुड़े बाजीखेड़ा फीडर से 38 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। करीब 40 किमी क्षेत्र में फैले इस फीडर से एक पीएचसी पासाखेड़ा व करीब तीन सौ निजी नलकूप जुड़े हैं। वहीं मंगतखेड़ा फीडर से 40 गांवों और करीब 120 निजी नलकूपों को बिजली मिलती है। प्रगतिशील किसान डॉ. गोवर्धन लाल पटेल, केके द्विवेदी, करनेश सिंह, विनोद, रामबरन, प्रफुल्ल, अभय और राजा शुक्ला ने बताया कि लो-वोल्टेज के चलते निजी नलकूप ट्यूबवेल बंद पड़े हैं, जिससे धान की रोपाई पिछड़ रही है। जिन खेतों में रोपाई हो चुकी है, वहां भी सिंचाई न होने से धान की पौध सूखने लगी है। वहीं, घरों में लगे सबमर्सिबल पंप भी नहीं चल पा रहे हैं।
पीएमश्री कंपोजिट विद्यालय पासाखेड़ा के प्रधान शिक्षक संतोषी नंदन शुक्ला ने बताया कि कम वोल्टेज के कारण विद्यालय में कंप्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पीएचसी पासाखेड़ा के फार्मासिस्ट अनिल कुमार ने कहा कि लो-वोल्टेज होने से फ्रीजर नहीं चल पा रहा है। इससे इंजेक्शन व वैक्सीन रखने में परेशानी हो रही है।
इस संबंध में जेई विदेश कुमार ने बताया कि लो-वोल्टेज की समस्या मौरावां ट्रांसमिशन से आ रही है। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर गर्म हो रहे हैं। ट्रांसमिशन के जेई से बात हुई है। सोमवार तक वोल्टेज बढ़ाने का आश्वासन मिला है, जिसके बाद समस्या दूर हो जाएगी।