बांगरमऊ कस्बा से काम करके बाइक से घर लौट रहे पीओपी कारीगर की उसके गांव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। सूचना पर बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह भी पहुंच गए। मृतक के ससुर की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
बांगरमऊ कोतवाली के गांव खंभौली निवासी शिवराम रैदास (30) पुत्र रामभजन पीओपी (प्लास्टर आफ पेरिस) का कारीगर है। पिछले कुछ दिनों से वह बांगरमऊ कस्बे में एक मकान में पीओपी का काम कर रहा था। शुक्रवार को शिवराम गांव के ही सहयोगी अजय पुत्र देशराज के साथ बांगरमऊ आया था। सहयोगी अजय करीब शाम करीब सात बजे साइकिल से गांव निकल गया। शिवराम रात करीब आठ बजे घर जाने के लिए बाइक से निकला। रात नौ बजे तक वह घर नहीं पहुंचा। पत्नी रेशमा ने पड़ोसियों की मदद से खोजबीन शुरू की। रात करीब दस बजे एक्सप्रेस-वे की सर्विसलेन पर शव पड़ा होने की सूचना मिली।
पत्नी व मोहल्ले के लोग पहुंचे तब धारदार हथियार से गर्दन पर वार करके उसकी हत्या किए जाने का पता चला। बाइक पास में ही खड़ी थी और मोबाइल जमीन पर पड़ा था। सूचना मिलते ही कोतवाल अरविंद सिह फोर्स के साथ पहुंचे और जांच की। मृतक के पास से पुलिस को 700 रुपये व कागज मिले हैं। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के गांव पाल्हेपुर निवासी मृतक के ससुर हुलसी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल अरविंद सिंह ने बताया कि तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की जांच कर जल्द खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।
तीन-चार लोगों ने मिलकर की हत्या, गर्दन से चेहरे तक नौ जख्म
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवराम की बेरहमी से हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस को शक है कि हत्या में तीन से चार लोग शामिल रहे होंगे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेहरे से गर्दन तक धारदार हथियार के नौ गहरे घाव मिले हैं। उसकी मौत गला रेतने से हुई है। पुलिस के मुताबिक घटना स्थल पर मृतक की बाइक खड़ी मिली थी। उसके एक जूता उतरा था इससे पता चलता है कि मौत से पहले शिवराम ने अपनी जान बचाने के लिए काफी संघर्ष किया होगा।
हत्यारों की हो सकती हैं हवाई चप्पल
घटना स्थल पर पुलिस को दो हवाई चप्पलें मिली हैं जो शायद हत्यारों की ही हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों हवाई चप्पल अलग-अलग रंग की हैं और अलग-अलग पैरों की हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चप्पलें किसकी हैं और घटना स्थल पर कैसे पहुंचीं।
मोबाइल सीडीआर खंगाल रही पुलिस
बांगरमऊ कोतवाली अरविंद सिंह ने बताया कि मृतक के मोबाइल का काल डेटा रिकार्ड और घटना स्थल के आसपास के मोबाइल टावर के संपर्क में रहे मोबाइल नंबरों का पता लगाया जा रहा है। संदिग्ध मोबाइल नंबर पाए जाने पर उन्हें रखने वालों से पूछताछ की जाएगी।
शिवराम पर ही थी परिवार की जिम्मेदारी
मृतक के बड़े भाई श्रीराम की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी भी शिवराम के कंधों पर थी। उसकी मौत ने सभी को झक झोर कर रख दिया। मृतक की मां मनकोरा के अलावा बच्चों में तीन लड़कियां व एक लड़का है। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया।