बसपा सुप्रीमो मायावती रास्ते से भटक गईं हैं। बसपा में उसे उतनी हिस्सेदारी मिल रही है, जिसकी जितनी थैली भारी है। ऐसी नेता से जनता को होशियार रहना होगा। यह बातें पूर्व बसपा नेता व जन अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। लोगों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि वोट में बड़ी ताकत होती है। इसलिए अपने वोट का प्रयोग सोच समझकर करना होगा। साफ शब्दों में कहा कि दुश्मन का गला नहीं काटोगे तो अपना गला कटवा बैठोगे।
लखनऊ से निकली जनसंपर्क यात्रा के साथ शहर पहुंचे जन अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने मोहल्ला पीडी नगर स्थित वृद्धाश्रम में सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह 27 साल तक बसपा पार्टी में रहे। सरकार बनने के बाद आम जनता के हित की बात करने पर चार साल जेल भी काटनी पड़ी। इस दौरान उन्होंने पार्टी से इस्तीफा देने और जेल जाने तक कि कहानी भी कार्यकर्ताओं को बताई। कहा कि बसपा शासनकाल में लखनऊ में हुई निर्दोष डाक्टरों की हत्या व जेल में डाक्टर के मारे जाने का खुलासा किए जाने की मांग पर उन्हें एनआरएचएम घोटाले में फंसाकर जेल भेज दिया गया। जबकि उस समय एनएआरएचएम, गृह व जेल विभाग तीनों ही उनके पास नहीं थे। कहा, ‘समय का इंतजार कर रहा हूं। मौका आने पर पाई-पाई का हिसाब लूंगा’। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को उनकी वोट की अहमियत बताते हुए ताकत का अहसास दिलाया। अपील करते हुए कहा कि जो अपनी वोट की ताकत नहीं पहचानता उसके दरवाजे ईंट तक नहीं लगती। अपने संबोधन में वह अन्य दलों पर चुप्पी साधे रहे और बसपा सुप्रीमो पर हमलावर रहे। इसके पूर्व पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से कुशवाहा का स्वागत किया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामसाने ओमरे, पश्चिम क्षेत्र प्रभारी इरफान, राजेंद्र पाल, मूलचंद्र निषाद, लखन चौधरी, हरनारायण, रावेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।