उन्नाव। राज्यमंत्री ने दामाद को भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का टिकट दिलाने के लिए जोर लगाया था। उनकी पैरवी पर ही अरुण सिंह को टिकट मिला था।
अरुण सिंह की जिले के भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों में अच्छी पैठ है। प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह अरुण सिंह के ससुर हैं। राज्यमंत्री ने अपने दामाद अरुण सिंह को टिकट दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया और सफल भी हुए। दुष्कर्म पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भाजपा को अरुण की प्रत्याशिता रद्द करनी पड़ी। वर्ष 2016 में सपा सरकार के समर्थन से अरुण सिंह नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए और व्यापारी से नेता बनने का सफर शुरू किया। वह कुलदीप सेंगर के खास लोगों में शुमार किए जाते हैं। 2017 में कुलदीप सेंगर भाजपा में शामिल हुए तो अरुण ने भी चोला बदल लिया।
अरुण सिंह ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया। कहा कि वह दुष्कर्म और हत्या के मुकदमें में मुलजिम नहीं है। सिर्फ रायबरेली में पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की एफआईआर में उनका नाम था। दुर्घटना वाले दिन वह अमरनाथ यात्रा में थे। दावा किया कि सीबीआई जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। पीड़िता उनकी बहन जैसी है। उनके व उनके परिवार के प्रति पूरी संवेदना है। मेरे ऊपर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।